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जिला पंचायत उपाध्यक्ष की हो रही उपेक्षा- पुष्पराजगढ़ से अशुतोष सिंह कि रिपोर्ट

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जिला पंचायत उपाध्यक्ष की हो रही उपेक्षा
विगत कुछ समय से वीजेपी सरकार के अधीन प्रषासनिक तंत्र जिला पंचायत उपाध्यक्ष राम सिहं आर्मों की लगातार उपेक्षा कर रहा है। कुछ समय पूर्व ग्राम पंचायत तुलरा में संचालित हाई स्कूल का उन्नयन हायर सेकन्ड्री में किया गया,जिसका विधिवत उद्दघाटन समारोह धूमधाम से सम्मपन्न कराया गया जिसमे क्षेत्रीय विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को, पूर्व विधायक एवं जिला पंचायत सदस्य सुदामा सिंह सिंग्राम, जनपद पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम, आदि कई जन प्रतिनिधियों को ससम्मान बुलाया गया और पुष्पराजगढ़ के ही माटी मे जन्म लिए जिला पंचायत उपाध्यक्ष रामसिंह आर्मो को जानकारी देना तक उचित न समझना उनकी उपेक्षा नहीं तो क्या है,,,,? इस कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष को जानकारी न देना समझ के परे है जबकि जिला पंचायत उपाध्यक्ष राम सिंह आर्मों जोकि शिक्षा विभाग के पदेन सभापति भी है,उनको जिला पंचायत के अधिनस्त कर्मचारी सूचना देना तक उचित नहीं समझे यह एक सोचनीय विषय है। साथ ही जिला मुख्यालय में पदस्य कर्मचारीयों के बर्ताव पर प्रश्नचिन्ह खडा करती है।
प्रोटोकाल का उलन्घन:–
प्रोटोकाल के तहत जिला के प्रथम नागरिक होने का दर्जा जिला पंचायत अध्यक्ष को प्राप्त होता हैं उसी क्रम में उपाध्यक्ष जिले  का दूसरा नागरिक होना का दर्जा प्राप्त करता है। जिले के द्वितीय दर्जा प्राप्त नागरिक को सरकारी कार्यक्रमों पर आमान्तरण देना तो दूर सूचना भी नही दिया जाना किसी भी कीमत पर उचित नहीं समझा जा सकता है। यह प्रशासन की संकुचित मानसिकता परिचायक है ऐसी स्थिति में एक प्रश्न महत्वपूर्ण हो जाता है कि बिजेपी के मण्डल अध्यक्षों की उपस्थिति किसी भी सरकारी कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रही होती है जबकि बीजेपी के अतिरिक्त किसी भी दल का चाहे जितना बडा चेहरा क्यूँ ना हो वह क्षेत्र का चाहे कितना बड़ा जन प्रतिनिधि हो वह आमतौर पर इस तरिके के कार्यक्रमों में अक्सर बाहर ही रख दिए जाते है, यह बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर द्वारा लिखित भारतीय संविधान से प्राप्त प्रोटोकाल का खुलेआम उल्लंधन कि श्रेणी में आता है,प्रशासन को दलगत राजनीति के प्रति अपने समर्पण की भावना न रखते हुए संविधान के प्रति अपना समर्पण रखना चाहिए औऱ प्रोटोकॉल का सम्मान करना चाहिए।
खजुरवार के कार्यक्रम में भी हुई उपेक्षा:–;
ग्राम पंचायत खजुरवार में नल जल प्रदाय योजना के शिलान्यास में जिला पंचायत उपाध्यक्ष रामसिंह आर्मों लिखे जाने की जगह उक्त शिलान्यास में स्थापित शिला पर क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य लिखा जाना हास्यास्पद के साथ दुर्भाग्य पूर्ण है। इस तरीके से लगातार उपेक्षित किए जा रहे जिला पंचायत उपाध्यक्ष रामसिंह आर्मों कंही महज बीजेपी के कार्यकर्ता नहीं होने की सजा तो नहीं भुगत रहे है…. ?
या रामसिंह आर्मों जनप्रतिनिधि होने का दर्जा प्राप्त नहीं करते… ?
या रामसिंह आर्मों को जिला प्रसासन जन नेता नहीं मानता.. ? या जिला पंचायत उपाध्यक्ष को शिक्षा विभाग अपने विभाग का पदेन अध्यक्ष नहीं मानती.. ?
ऐसे अनगिनत महत्वपूर्ण प्रश्न है,जिसका जवाब जानना तो आमजन मानस चाहता है। पर देने वाला कोई नहीं है।
जब एक जन प्रतिनिधि वो भी जिला पंचायत के उपाध्यक्ष पद पर असीन हो उसके साथ ऐसा सौतेला व्यवहार किया जा सकता है तब ऐसी स्थिति में ग्रामीण,पिछडे,आदिवासी,मजदूर आमजन के साथ सौतेला व्यवहार होना अनुपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ में होना कोई बडी बात नहीं है,वैसे तो खजुरवार जिला पंचायत उपाध्यक्ष रामसिंह आर्मों का चुनाव क्षेत्र रहा हैं जहाॅ कि जनता ने उन्हेे चुनकर जिला पंचायत भेजा है। उन्हीं जनता के सामने इस तरीके की उपेक्षा कर बेईज्जत किया जाना प्रशासन से अपेक्षित नहीं थी और न ही यह घटना जनता के समझ में आ रही है,शिलान्यास के बोर्ड पर क्षेत्रीय जिला पंचायत लिखा जाना और उसकी सूचना रामसिंह अर्मो को नही दिया जाना समझ से बाहर है।
ऐसे किन -किन कार्यक्रमों में की गई उपेक्षा:—-
किरगी नल जल प्रदाय योजना, मुख्यमंत्री संवल योजना ,खजुरवार,नल-जल प्रदाय योजना, तुलरा हायर सेकेण्ड्री उन्न्यन कार्यक्रम,बिजली बिल माफी योजना,आदर्ष ग्राम भ्रमण कार्यक्रम,से लेकर विगत तीन वर्षों से जब से रामसिंह अर्मो निर्वाचित उपाध्यक्ष  हुए है, सैंकडों कार्यक्रम पर इसी तरह उनकी उपेक्षा कि जाति रही है। जिससे रामसिंह आर्मों असम्मानित  वा अपमानित महसूस कर रहे है। क्या किसी चुने हुए जन प्रतिनिधि का इस तरह अपमान किया जाना सही है,,,,? इसका जवाब जिला प्रसासन के साथ सासन को देना ही होगा ताकि किसी जन प्रतिनिधि का अपमान न हो सके जन प्रतिनिधि का जुडाव सीधे जनता से होता है जन प्रतिनिधि का अपमान सीधे सीधे जनता का अपमान है। जबकि ’’जनता का जनता द्वारा जनता के लिए’’ भारतीय संविधान का मूल मंत्र है।
और इस मूल मंत्र से जिला प्रसासन कैसे भटक सकता है….?
इनका कहना है।
मैं स्वयं इस तरह कि हरकतों से अत्यन्त व्यथित हूॅ, मेरा लगातार उपेक्षा किया जाना मेरी समझ के परे है,लगता है यह कोई राजनीति षड्यंत्र है जिसके माध्यम से मेरे ही चुनाव क्षेत्र में मुझे ही अपमानित किया जा रहा है। इसकी सिकायत मैं माननीय राजपाल महोदय को रजिस्टर्ड डाक पत्र के माध्यम से किया हुॅ।
रामसिंह आर्मों
जि0पं0 उपाध्यक्ष
अभी मीटिंग में हूँ कुछ देर से बात करती हूं।
अनुग्रह पी.
जिला कलेक्टर अनूपपुर
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