# मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह का हुआ आगमन ##

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फिर खुलेंगी रेत खदाने शासन ने जारी किया आदेश (आशुतोष सिंह की रिपोर्ट)

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अवैध रेत पर लगेगा प्रतिबंध या जारी रहेगी कालाबजारी

इंट्रो – कोविड 19 संक्रमण के दृष्टिगत विभिन्न राहत पैकेज जारी किये गये है जिनमें प्रवासी अप्रवासी कामगारों के लिये निर्माण कार्य कराया जाना निश्चित किया गया है जिससे ईनके आर्थिक संकट को दूर किया जा सके साथही पी.एम.आवास गौशाला निर्माण जैसे अधूरे पड़े कार्य भी मानसून सक्रिय होने से पहले पूरा किया जाना है ऐसे कार्य बिना रेत उपलब्धता के हो पाना सम्भव नही है। इन बातो को दृष्टिगत रखते हुये म.प्र. सरकार ने समस्त जिला कलेक्टरो को रेत खनिज आपूर्ति करने हेतु अस्थाई उतखनन् अनुज्ञा स्वीकृति प्रदान करने सम्बन्धी आदेश जारी किया है।

अनूपपुर। म.प्र. शासन खनिज साधन विभाग मंत्रालय भोपाल के दिनांक 26.05.2020 के आदेश अनुसार जिला कलेक्टर शासकीय एंव सार्वजनिक निर्माण कार्यो की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुये अपने जिले में रेत की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु गौड खनिज नियम 1996 के नियम 66 के तहत नियम 68 की शर्तो को शिथिल करते हुये व 2019 के अन्तर्गत जिले में रेत खनिज की स्वीकृत निविदा दर अनुसार अग्रिम राशि जमा करने के उपरान्त ही रेत की अस्थाई अनुज्ञा जारी कर सकेगी। म.प्र. सरकार ने सम्पूर्ण व्यवस्था रेत पोर्टल के माध्यम से कराये जाने की बात कही है, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रो में रेत खनन परिवहन भन्डारन आदि में मनरेगा में पंजीकृत परिवारो से पृथक श्रमिको को रोजगार प्रदान करने की बात कही है। साथ ही सरकार ने यह भी निश्चित तौर पर कहा है कि दिया गया यह आदेश 30.06.2020 अथवा कलेक्टर द्वारा मानसून आधारित खदान बन्द करने की घोषित तिथि में से जो भी पहले पड़े तक ही लागू रहेगी।

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पहले भी जारी हुई थी आफलाईन टी.पी.

म.प्र. सरकार के जारी आदेश दिनांक से पूर्व ही अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ जनपद से ही आफलाइन टीपी पर्ची जारी कर रेत की आपूर्ति करने की पहल की गई थी जो शुरू से ही शंदेह के घेरे मे घिरी रही, विभाग से मिली जानकारी अनुसार पुष्पराजगढ़ जनपद में रेत की उपलब्धता न के बराबर है जबकि प्रधान मंत्री आवास के लिये 70 हजार घन मीटर व गौशाला आदि निर्माण कार्य के लिये 30 हजार घन मीटर रेत की आवश्यकता तात्कालिक रूप से उक्त जनपद को है। साथ ही व्यक्तिगत निर्माण कार्यो में भी रेत की मांग लगातार बनी रहती है रेत की उलब्धता का न होना और मांग की निरनन्तरता बनी रहना राजनीतिक प्रषासनिक गठजोड़ वाले रेत माफियाओं के लिये यह क्षेत्र वरदान जैसा बना हुआ है। पूर्व में जारी टी.पी़ पर्ची के माध्यम से भी रेत का काला कारोबार करने के आरोप बड़े नेताओं सहित प्रशासनिक कर्मचारियो पर लग चुके है। जिसका परिणाम चन्द दिनो में ही जिला कलेक्टर द्वारा अपने ही आदेश को निरस्त करने के रूप में देखा गया है।

इंसानी नाम पर मशीनों से काम

सरकारो द्वारा रेत के अवैध परिवहन भण्डारन बेहिसाब दोहन को देखते हुये पूर्व में ही निर्णय लिया गया है कि किसी भी खदान से वाहनों में रेत मशीन के द्वारा नही लोड की जा सकेगी किन्तु खनिज माफियाओं के गठजोड़ ने इस नियम की अनेके बार घज्जिया उड़ाई है जिसकी बानगी जिले के समस्त स्वीकृत व अस्वीकृत खदानो मे हमेशा देखी जाती रही है। मजदूरों द्वारा रेत की लोडिंग गाड़ियों में महज कहने की बात है वास्तविकता में सिर्फ जे.सी.बी. पोकलेन्ड जैसी मषीनो से रेत लोड कराई जाती है वर्तमान में म.प्र. सरकार द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि मजदूरो को जादा से जादा मजदूरी कर पाने का अवसर इन खोली जा रही खदानो से मिल सके अब देखना यह है कि जिला प्रसाशन कितने कामगारो को रोजगार उपलब्ध करा पाता है या रेत माफियाओ के जाल में उलझते हुये पूर्ववत मसीनो से ही कार्य का सम्पादन होता देखता रहेगा।

हिस्सेदारी से कालाबजारी

मांग और आपूर्ति के बीच सरकारी नियम रेत माफियाओं को मालामाल कर रहे है ग्रामीण आंचलों में प्रधान मंत्री आवास सौचालय गौशाला आदि कार्य जहाँ सरकारी मदत से किये व कराये जा रहे है वही इन कार्यो पर लगने वाली रेत की कालाबजारी माफियाओ के लिये वरदान बनी हुई है जानकारो की माने तो रसूखदार नेता इसमे अहम किरदार में रहते आये है प्रदेश में सरकार के बदलते ही अब दूसरे नेताओं का गठजोड़ रेत माफियाओ से जुड़ गया है जहा 22 मार्च के बाद पूरा देश लाक डाउन में घरो पर बन्द रहा वही प्रदेश स्तर के पूर्व नेता की सह पर रेत से भरे टृक घाट चड़ते रहे प्रसाशन पर सत्ता के नेताओं का दबाव हमेशा ही जिले में देखने को मिला है पूर्व में हुये नर्मदा महोत्सव में जिनके साथ प्रसाशन दिखाई दे रहा था अब उनसे दूरी बनाते हुये गढ़ी के आदेश पर हा में हा मिलाता नजर आता है इसी लिये यह बात यहा चरितार्थ होती है काला बजारी में सभी की हिस्सेदारी।

इनका कहना है
प्रधान मंत्री आवास के लिये जिले में 1 लाख 40 हजार घन मीटर रेत की आवश्यकता है हमारे द्वारा खनिज शाखा में मांग पत्र भेजा गया है जल्द ही रेत का परिवहन पंचायतो के लिये होने लगेगा।

जिला पंचायत सीइओ सरोधन सिंह

मै कल जिला कलेक्टर से रेत सम्बन्धी बात करने जाऊंगा और जल्द से जल्द रेत का परिवहन कैसे कराया जा सकता है उस पर चर्चा करूँगा
ब्रजेश गौतम
जिला अध्यक्ष बीजेपी अनूपपुर

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