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ब्रेकिंग: मंदिर के पट खुलेंगे, होटल और यात्री बस की मिली सशर्त अनुमति पढ़े पूरी खबर (अनिल दुबे की रिपोर्ट)

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कोरोना संक्रमण से बचाव एवं सावधानियों के अनुपालन पर धार्मिक स्थल एवं होटल का आमजन हेतु खोले जा सकेंगे…

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मूर्ति/धार्मिक ग्रंथ आदि को स्पर्श करने की नही है अनुमति…

धार्मिक प्रतिष्ठानों में प्रसाद/चरणामृत आदि का छिड़काव एवं वितरण वर्जित…

फूल, नारियल, अगरबत्ती, चादर, चूनरी आदि चढ़ाने एवं घंटी बजाने की नही होगी अनुमति…

प्रीरिकॉर्डेड भजन/ गीत ही चलाए जा सकेंगे, प्रार्थना आदि हेतु खुद लानी होगी आगंतुकों को चटाई/मैट…

होटल में आगंतुकों को ट्रैवल हिस्ट्री एवं स्वास्थ्य स्थिति की देनी होगी जानकारी

कंटेनमेंट ज़ोन में नही होगी धार्मिक संस्थानो/ होटल आदि के खोलने की अनुमति

ज़िला दंडाधिकारी ने जारी किया आदेश…

50 प्रतिशत क्षमता पर यात्री बसों का भी किया जा सकेगा संचालन, संरक्षण उपायों एवं नियमित रूप से सैनिटाईजेशन की है शर्त…

अनूपपुर/ जून 8, 2020

कलेक्टर एवं ज़िला दंडाधिकारी चंद्रमोहन ठाकुर ने भारत सरकार गृह मंत्रालय एवं संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएँ मध्यप्रदेश के दिशानिर्देशों तथा मानक प्रचालन प्रक्रिया के अनुपालन पर धार्मिक स्थलों, होटल, शॉपिंग मॉल को आमजनो हेतु खोले जाने की सशर्त अनुमति प्रदान की है। हालाँकि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं बीमारियों – सहरुग्णता से ग्रस्त व्यक्तियों को घर पर रहने की सलाह दी जाती है। धार्मिक स्थल एवं होटल/ शॉपिंग मॉल संचालकों/ प्रबंधकों द्वारा यह जानकारी उनके स्थान पर भेंट करने वालों/ आने वाले लोगों को प्रदान किए जाने के निर्देश हैं।

जारी आदेश के अनुसार धार्मिक प्रतिष्ठानों/पूजा स्थलों पर कार्यरत व्यक्तियों तथा आगन्तुकों द्वारा अनिवार्यतः हर समय निम्न सावधानियों का पालन किया जाना होगा। सार्वजनिक स्थानों पर, जहाँ तक संभव हो, आपस में 6 फीट की दूरी रखी जाये। चेहरे को मास्क/फेस कवर से ढांकना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाये। देखने में गंदे न होने पर भी साबुन एवं पानी से बार-बार 40-60 सेकंड तक हाथ धोये जायें, अल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से (कम से कम 20 सेकंड तक) हाथों को सेनिटाइज करने की सुविधा, जहां उपयुक्त हो, उपलब्ध करायें। श्वसन एटीकेटस् का कडाई से पालन कराएं। छींकते/खांसते समय मुंह को रूमाल/टिश्यू पेपर/कोहनी से ढांके उपयोग किये गये टिश्यू पेपर का ठीक से निस्तारण सुनिश्चित करें। स्वयं के स्वास्थ्य की निगरानी करें, बीमारी के लक्षण होने पर तत्काल जिले की हेल्पलाईन पर संपर्क करें। सार्वजनिक स्थलों पर थूकना पूर्णतया वर्जित है।

समस्त धार्मिक प्रतिष्ठान को यह सुनिश्चित करना होगा

प्रवेश द्वार पर हैण्ड हायजीन के लिये सेनेटाइजर डिस्पेन्सर एवं थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो। लक्षण रहित व्यक्तियों (सर्दी, खांसी, बुखार आदि न होने पर) को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति रहेगी। मास्क / फेस कवर पहनने पर ही प्रवेश की अनुमति होगी। जूते/चप्पल स्वयं के वाहन में खोल कर आने की समझाईश दें आवश्यक होने पर जूते/चप्पल प्रत्येक व्यक्ति/परिवार के लिये निर्दिष्ट पृथक स्थान पर स्वयं द्वारा रखे जाएं।

परिसर के बाहर एवं पार्किंग एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करवाना धार्मिक प्रतिष्ठान संचालकों के लिये अनिवार्य है। परिसर के अंदर अथवा बाहर संचालित दुकान/स्टॉल/ कैफेटेरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन 24X7 सुनिश्चित करें। सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के लिये कतार की लाईन में गोले के निशान बनवाएँ। संभव होने पर प्रवेश एवं निकास द्वार पृथक रखें। प्रवेश के लिये कतार में कम से कम 6 फीट की दूरी सुनिश्चित करें। परिसर में प्रवेश के पूर्व आगन्तुकों द्वारा साबुन एवं पानी से हाथ एवं पैर का धोना सुनिश्चित करें। बैठने की व्यवस्था इस तरह करें जिससे सोशल डिस्टेंसिंग नॉर्मस् का पालन हो।

मूर्ति/धार्मिक ग्रंथ आदि को स्पर्श करने की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक प्रतिष्ठानों में प्रसाद/चरणामृत/छिड़काव आदि का वितरण वर्जित है। आरती की थाली/मूर्ति आदि पर चढावा कैश के रूप में न दें। डिजिटल ट्रांसफर ऑफ मनी को प्राथमिकता दें अथवा दान पेटी में दान दें। धार्मिक प्रतिष्ठान में फूल, नारियल, अगरबत्ती, चादर, चूनरी आदि चढ़ाने की अनुमति नही होगी। मन्दिर में घंटी बजाने की अनुमति नही होगी। रेलिंग का स्पर्श करने से बचने की सलाह दें। अधिक भीड़/ बडी संख्या में लोगों को एकत्रित होने की अनुमति नहीं है। COVID-19 संक्रमण के परिप्रेक्ष्य में प्रि-रेकॉर्डेड भजन/गीत बजाए जाएं। कॉयर/सिंगिंग/गुरुवाणी गाने की अनुमति नही है। घर से वजू करके आयें। प्रार्थना के लिये जाजम न बिछाई जाये। श्रद्वालू अपनी मैट/कपडा स्वयं लायें तथा प्रार्थना के बाद वापस ले जायें। अभिवादन के लिये एक दूसरे को स्पर्श न करें। धार्मिक प्रतिष्ठानों में सामुदायिक रसोई/लंगर/अनुदान में सोशल डिस्टेंसिंग नॉर्मस् का पालन भोजन बनाने एवं वितरित करने के दौरान अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। परिसर की सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जाये। टॉयलेट/बाथरूम एवं हाथ पैर धोने के स्थान पर सफाई का विशेष ध्यान रखें। धातु से बनी वस्तुयें जैसे – रेलिंग, नल, दरवाजे के हेन्डल आदि का बार-बार विसंक्रमण सुनिश्चित करें। धार्मिक प्रतिष्ठान द्वारा परिसर की बारबार सफाई एवं विसंक्रमण सुनिश्चित किया जाये। परिसर में भूमि की सफाई विशेष रूप से बार-बार कराई जाए। कर्मचारियों एवं आगन्तुकों द्वारा छोडे गये मास्क / फेस कवर/ग्लोव्स् का समुचित निपटान सुनिश्चित करें।

परिसर में पुष्ट/संभावित संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति पाये जाने पर –

व्यक्ति को पृथक कमरे/स्थान पर रखें जहाँ अन्य लोगों की आवाजाही न हो। चिकित्सक द्वारा जॉच किये जाने तक व्यक्ति को मास्क/फेस कवर उपलब्ध कराये। तत्काल निकटस्थ अस्पताल/स्वास्थ्य केन्द्र पर संपर्क कर सूचना दें अथवा जिले/राज्य की हेल्पलाइन पर सूचित करें।

सभी होटल प्रबन्धन को यह निम्न व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करनी होगी-

प्रवेश द्वार पर हाथ धुलाई या सेनेटाइजर रखना जरूरी आवश्यक है, साथ ही बुखार नापने के लिए स्क्रीनिंग करवाना भी आवश्यक है I जिन्हे कोई भी लक्षण न हो वही स्टॉफ एवं अतिथि या टूरिस्ट होटल में प्रवेश करे। स्टॉफ या अतिथियों के लिए फेस कवर/मास्क आवश्यक है, फेस कवर या मास्क होटल के अन्दर भी हर समय पहनना होगा। मानव संसाधन की तैनाती इस तरह से हो कि सोशल डिस्टेशिंग बनी रहे। स्टॉफ को हाथ में दस्ताने पहनना जरूरी है, जिससे किसी को संक्रमण का खतरा न रहे। वह कर्मचारी जिनकी उम्र अधिक हो, गर्भवती महिला या किसी अन्य बीमारियों से ग्रसित या कोई अन्य मेडिकल कंडिशन से ग्रसित हो, अपनी अतिरिक्त सावधानी रखे, उन कर्मचारियो को प्रथम पंक्ति के कार्य में न लगावे जिससे कि वह जन समुदाय के सीधे सम्पर्क में आने से बचे, होटल प्रबंधन जहाँ आवश्यकता हो वहाँ घर से कार्य करने की छूट देवे। होटल प्रबंधन होटल के बाहर एवं होटल के अंदर परिसर में जन समुदाय की भीड़ का प्रबंधन सही प्रकार से करे, एवं उसमे भी सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करे, बडे समूह में व्यक्तियों को एकत्रित होने की मनाही है। वैले पार्किंग की व्यवस्था की जावे, एवं व्यवस्थापक स्टॉफ चहरे पर मास्क/कवर/दस्ताने अवश्य पहने, एवं दरवाजे स्टीरिंग, हैंडल चाबी को सही प्रकार से सेनेटाइजर से संक्रमण रहित करे। आगमन एवं निष्कासन के लिए अलग-अलग द्वार स्टॉफ, अतिथियों के लिए एवं सामान लाने-ले जाने के लिए अलग व्यवस्था की जावे। इस में भी फिसिकल डिस्टेंस 6 फिट की दूरी बनाना आवश्यक है।

होटल के बाहर परिसर में विशेष चिन्हित कर गोले बनावे, जिससे कि पंक्ति में खड़े व्यक्तियों को दूरी बनाने मे आसानी हो। एलिवेटर में चढ़ते उतरते वक्त व्यक्तियों की संख्या सिमित हो एवं फ़िज़िकल दूरी बनाए रखना होगी। एस्कलेटर में भी व्यक्तियों को दूरी बनाए रखने की सलाह दे , एवं सहयोग करे। जो अतिथि/होटल में ठहरने हेतु आ रहे है, को उनकी ( ट्रैवल हिस्ट्री एवं स्वास्थ्य स्थिति) साथ ही आईडी, एवं स्वयं का घोषणा पत्र रिसेप्शन पर देना होगा। पोस्टर, आडियो विडियो आदि के माध्यम से कोविड-19 संक्रमण से बचाव के तरीके को प्रदर्शित करना होगा।

सैनिटाईज़र का उपयोग अतिथियों द्वारा किया जावे, इसके लिए रिसेप्शन पर हैंड सैनिटाईज़र उपलब्ध कराना होगा। होटल प्रबंधन द्वारा डिजिटल पेमेंट एवं डिजिटल दस्तावेज़ों के प्रयोग को बढ़ावा देना होगा। होटल प्रबंधन द्वारा अतिथियों का लगेज कमरों मे भेजने के पहले संक्रमण रहित करना होगा। होटल प्रबंधन अतिथि जो ज्यादा उम्र के हो, गर्भवती माता या कोई अन्य बिमारियों से ग्रसित हो को सलाह दे को वह अतिरिक्त सावधानी रखे। होटल प्रबंधन अतिथियो को सलाह दे की वह कन्टनमेंट जोन मे न जाये।

रेस्टोरेंट में निम्न व्यवस्थाएँ करनी होगी-

बैठक व्यवस्था इस प्रकार से हो कि रेस्टोरेंट में सामाजिक दूरी बनायी जा सके। डिस्पोजल मेन्यू का उपयोग किया जावे। कपडे के नेपकिन की जगह उच्च गुणवत्ता वाला पेपर नेपकिन के प्रयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। ऑर्डर देने की प्रक्रिया संपर्क रहित हो, एवं ई-वालेट्स को प्रोत्साहित किया जावे।

बुफ़े सेवा की व्यवस्था इस प्रकार से हो की उसमे भी सामाजिक दूरी बनाई जा सके। रूम सर्विसेस की सेवाओ को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है, भोजन पहुचाने वाले कर्मचारियो को निर्देशित किया जावे, कि वह भोजन के पैकेट ग्राहक या अतिथियों को सीधे प्रस्तुत करने के विपरीत उनके कमरे के बाहर पैकेट रख दे, स्टाफ को जो भोजन घर पहुचाते है, का भी थर्मल स्कीनिंग होटल प्रबंधन द्वारा किया जाने की व्यवस्था करे। रूम सर्विसेस के लिए अतिथियों द्वारा इंटर कॉम /मोबाईल फोन के द्वारा रूम सर्विस प्राप्त की जाना जिससे कि सामाजिक दूरी बनी रखे।

खेल कूद/छोटे बच्चे के खेलने की जगह बंद रखी जावे। एयर कंडिशन/वेंटिलेशन, की मार्गदर्शिका CPWD की मानी जावेगी। जिसमें एयर कंडिशन के तापमान को 24 से 30 सेंटीग्रेड पर रखा जाना होगा, एवं आद्रता पर निर्भर रहेगा, कि एसी की रेंज 40 से 70 प्रतिशत की जावे, जिससे कि शुद्ध हवा की आवाजाही बनी रहे।

होटल प्रबंधन द्वारा सेनेटाईजेशन इस प्रकार से कराया जावे, जिससे कि वाश रूम, पीने के पानी एवं हाथ धुलाई की जगहो पर किया जा सके। सफाई एवं धुलाई नियमित रूप से (1 प्रतिशत सोडियम ह्यपोक्लोराइट साल्यूशन से) की जावे जिसमें दरवाजो के हैंडल, लिफ्ट के बटन, हेंडरेल्स, बैंच, वॉशरूम सभी में एवं अतिथियों के बैठने की जगहो पर एवं कामन एरिया में की जावे। फेस कवर/मास्क/दस्तानो का फेकने की व्यवस्था सही प्रकार से सुनिश्चित की जावे।

वॉशरूम एरिया की सफाई नियमित एवं गहरी सफाई की जावे, जिससे कि वॉशरूम एरिया कीटाणु रहित बना रहे।अतिथियो के ठहरने के कमरो को बार-बार सेनेटाईज किया जावे, एवं उनके छोडने के पश्चात अवश्य रूप से किया जावे। रसोई घर में स्टाफ को निर्देशित कर सामाजिक दूरी बनाये रखने की सलाह दी जावे , एवं रसोई घर को भी नियमित रूप से सेनेटाईज किया जा सके।

अगर होटल के परिसर में कोई भी सस्पेक्ट या कर्फम केस निकलता है तो व्यक्ति को ऐसी जगह रखा जावे, या किसी कमरे में रखा जावे, जहा वह दूसरो से अलग हो। फेस कवर /मास्क होटल प्रबंधन द्वारा प्रदाय किया जावे, जिससे कि हर समय मुह ढक कर रखा जा सके/व्यक्ति को चिकित्सक की देखरेख में रखा जावे। तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र (चिकित्सालय/क्लीनिक) पर दिखाया जा सके, या फिर संपर्क किया जा सके।

कन्टेनमेंट एरिया के अंतर्गत आने वाले समस्त धार्मिक प्रतिष्ठान/पूजा स्थल एवं होटल आदि बंद रहेंगे, सिर्फ कंटेनमेंट एरिया के बाहर के स्थलों/ संस्थानो पर प्रवेश की अनुमति होगी।

अनूपपुर जिले में यात्री बसों का संचालन कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव हेतु भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के पालन पर किया जा सकेगा। यात्री बसों का संचालन 50 प्रतिशत क्षमता तक ही किया जायेगा। बस के ड्राईवर, कंडेक्टर, क्लीनर एवं समस्त यात्रियों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। बस को समय-समय पर सैनिटाईज़ करना होगा। यात्रा के दौरान यदि किसी यात्री को खांसी, बुखार आदि के लक्षण पाये जाते हैं तो उसके समुचित उपचार हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में सूचना देना अनिवार्य होगा।

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