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मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव मंजूर, जानिए आगे क्या होगा

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मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव मंजूर, जानिए आगे क्या होगा

विपक्ष भले ही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया हो लेकिन इससे फिलहाल मोदी सरकार को खतरा नजर नहीं आ रहा।

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र बुधवार को शुरू हुआ और पहले ही दिन विपक्षी दलों ने बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को लोकसभा स्पीकर ने मंजूर कर लिया है। अब यह तय होगा कि इस प्रस्ताव पर कब बहस होगी।

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प्रस्ताव पेश होने के बाद सरकार की तरफ से लोकसभा में अनंत कुमार ने इसका स्वागत किया और कहा कि दूध का दूध पानी का पानी हो ही जाए। उन्होंने स्पीकर से अपील करते हुए कहा कि वो सदन में प्रस्तुत हुए विपक्षी दलों के अविश्वास प्रस्ताव को मंजूर करे क्योंकि देश में मोदी सरकार को विश्वास हासिल है और ऐसे में सरकार किसी भी अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने को तैयार है।

अब क्या होगा

विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को मंजूर करने के बाद अब स्पीकर यह तय करेंगी कि अगले दस दिनों के भीतर किस दिन इस प्रस्ताव पर चर्चा करवानी है। अगर इसके बाद स्पीकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोटिंग करा सकता है या फिर कोई फैसला ले सकता है।

पहले भी हुई कोशिश

बता दें कि इससे पहले बजट सत्र में टीडीपी ने एनडीए का दामन छोड़ने के बाद सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की थी। हालांकि, सारी कोशिशों के बावजूद वो सदन में इसे मंजूर नहीं करवा सकी और सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया था।

संसद में क्या है मोदी सरकार की स्थिति

विपक्ष भले ही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया हो लेकिन इससे फिलहाल मोदी सरकार को खतरा नजर नहीं आ रहा। अनंत कुमार का दावा है कि सरकार को विश्वास हासिल है। अगर सदन में मोदी सरकार के वर्तमान हालात पर नजर डालें तो सरकार की स्थिति 2014 के मुकाबले कमजोरी हुई है।

2014 में भाजपा के सदन में कुल 337 सांसद थे जिनमें से 282 तो भाजपा के ही थे। वहीं शिवसेना के 18, टीडीपी के 16, लोजपा के 6, अकाली दल के 4 और 10 अन्य थे। चार साल सत्ता में रहने के दौरान भाजपा व उसके सहयोगी दलों के रिश्तों में कई उतार-चढ़ाव आए और आंध्र के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांग रही टीडीपी एनडीए से अलग हो गई। इसके अलावा अलग-अलग लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में भाजपा के 9 सांसद कम हो गए। तब से लेकर अब तक सदन में एनडीए के 26 सांसद कम हो गए हैं।

हालांकि, सदन में बहुमत के लिए 272 सांसदों की जरूरत होती है और भाजपा अकेली ही 273 सांसदों के साथ सदन मे मौजूद हैं वहीं एनडीए की बात करें तो सरकार के 310 सांसद सदन में मौजूद हैं। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सरकार का आत्मविश्वास वाजिब है।

नतीजों पर रहेगी नजर

माना जा रहा है कि सदन में मोदी सरकार की स्थिति मजबूत नजर आ रही है और ऐसे में मोदी सरकार इस अग्निपरीक्षा में सफल होती है तो वो और मजबूत होगी। 2019 में होने वाले चुनाव को देखते हुए इसे सरकार का बड़ा दाव माना जा रहा है।

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