# मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह का हुआ आगमन ##

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2024 तक हर घर में पहुँचेगा नल जल कनेक्शन- कलेक्टर (अनिल दुबे की रिपोर्ट)

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सतत रूप से जल आपूर्ति के आधार पर करें कार्ययोजना का निर्माण- कलेक्टर

“जल जीवन मिशन” अंतर्गत ज़िला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति की बैठक में कार्ययोजना पर हुआ विमर्श

हर ग्राम की बनेगी कार्ययोजना, सतही एवं भूमिगत जल दोनो का किया जाएगा प्रयोग

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जल संसाधनों का सर्वांगीण प्रबंधन योजना का महत्वपूर्ण घटक

अनूपपुर/ जून 15, 2020

कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर की अध्यक्षता में “जल जीवन मिशन” अंतर्गत गठित ज़िला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति की बैठक में 2024 तक ज़िले के हर घर (ग्रामीण एवं शहरी दोनो) में नल कनेक्शन के माध्यम से पेय जल उपलब्ध कराने हेतु कार्ययोजना पर विमर्श किया गया एवं आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में वन मंडलाधिकारी अधर गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत सरोधन सिंह, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी संतोष साल्वे सहित ज़िला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति के सदस्य उपस्थित थे।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सर्वप्रथम ग्राम पंचायतवार बेसलाइन डाटा विधिवत रूप से एकत्रित किया जाय ताकि वास्तविक कार्य की जानकारी हो। ज़िले की भौतिक संरचना के आधार पर भूमिगत जल एवं सतही जल को योजना के क्रियान्वयन में शामिल किया जाय। ज़िला स्तर के साथ- साथ ग्राम स्तर पर भी कार्ययोजना बनायी जाएगी। कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने निर्देश दिए है कि केंद्र एवं राज्य शासन की सम्बंधित योजनाओं का इस मिशन में समावेश किया जाय। शहरी क्षेत्रों में नल जल प्रदाय हेतु कार्ययोजना के निर्माण में नगरीय निकायों को भी शामिल किया जाय। आपने यह भी कहा कि जल स्त्रोतों का प्रबंधन एवं उपयोग इस प्रकार किया जाय कि जल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित हो। इस हेतु आपने घरों में सोक पिट बनाने को भी कार्ययोजना के घटक में शामिल करने के लिए कहा है ताकि भूमिगत जल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित हो।

कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी संतोष साल्वे ने बताया कि बेसलाइन जानकारी एकत्रित करने हेतु ग्राम पंचायतों को कार्यान्वयन सहायता एजेंसी (आईएसए) द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा। योजना में क्षेत्र की परिस्थितियों के आधार पर ग्राम वार एवं ग्रामों के समूहों हेतु समेकित कार्ययोजना बनायी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि सड़क, बिजली, बैंक खाते, आवास, एलपीजी सिलेंडर और शौचालय जैसी बनियादी सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से जल को देश की विकास-कार्यसूची के केन्द्र में स्थापित किया गया है। उन्होंने ग्रामीण भारत में महिलाओं और बेटियों द्वारा प्रतिदिन मीलों पैदल चलकर पीने योग्य थोड़ा-बहुत जल ढोकर लाने की शताब्दियों पुरानी समस्या को दूर करने पर बल दिया है। इस चुनौती को हल करने के लिए “जल जीवन मिशन” लाया गया है। इस योजना में वर्ष 2024 तक हर घर जल पहुंचाना सुनिश्चित किया जाना है।

जल जीवन मिशन सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना है, जिसका लक्ष्य सभी घरों तक कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन (एफ़एचटीसी) उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय जल संसाधनों के सर्वांगीण प्रबंधन को बढ़ावा देना भी है। इस जल आपूर्ति कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करते समय जल-स्रोतों का संरक्षण करके उन्हें सतत बनाने और जल के पुनः उपयोग की विधियों का प्रयोग करने जैसे उपायों की जरूरत पर भी ध्यान दिया गया है और इन्हें पहली बार योजना की रूप-रेखा का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है।

ग्राम कार्य योजना

बेसलाइन सर्वेक्षण, संसाधन मानचित्रण और ग्राम समुदाय द्वारा व्यक्त जरूरतों के आधार पर ग्राम पंचायत और/या इसकी उप-समिति, अर्थात ग्राम जल और स्वच्छता समिति/पानी समिति/प्रयोक्ता समूह, आदि द्वारा प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एफ.एच.टी.सी. उपलब्ध कराने, उत्पन्न ग्रे वाटर का उपचार करने और इसके पुनः उपयोग की योजना बनाने, निगरानी गतिविधियां संचालित करने आदि के लिए ग्राम कार्ययोजना तैयार की जाएगी। ग्राम कार्य योजना के अंतर्गत, मिशन के तहत काम को पूरा करने के लिए निधि की आवश्यकता और समय सीमा का उल्लेख किया जाएगा और ग्राम सभा द्वारा उसे अनुमोदित किया जाएगा। वित्तपोषण का स्रोत चाहे कोई भी हो, लेकिन गांव में पीने के पानी से जुड़े सभी काम, ग्राम कार्य योजना के आधार पर किए जाने हैं।

जिला कार्य योजना (डी.ए.पी.) 

समस्त ग्राम कार्य योजनाओं और अतिरिक्त कार्य, यानी थोक (बल्क) वाटर ट्रांसफर, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, प्रयोगशालाओं आदि को समेकित करके डी.डब्ल्यू.एस.एम. द्वारा तैयार योजना तैयार की जाएगी। जिसमें वित्तीय विवरणों और समय-सीमा के साथ जिले के सभी गांवों/बस्तियों में पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित की गई हो।

सतत पेयजल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है कि स्थानीय समुदाय और ग्राम पंचायतें आगे आएं और ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों और अपने जल संसाधनों के प्रबंधन की और गंदले पानी (ग्रे वाटर) के पुनः उपयोग की जिम्मेदारी लें। इस मिशन के अंतर्गत सृजित परिसंपत्तियों के प्रति लोग सामूहिक रूप से अपनेपन का भाव विकसित करें। आइए हम सभी एकजुट होकर जल की हर बूंद को संरक्षित करने, हर ग्रामीण परिवार को साफ पेयजल उपलब्ध कराने और इस प्रकार अपनी भावी पीढ़ियों के लिए पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करें।

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