# मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह का हुआ आगमन ##

Post 5

बेनीबारी में असंवैधानिक तरीके से हुई सेल्समैनों की भर्ती – पुष्पराजगढ़ से आशुतोष सिंह कि रिपोर्ट

Post 1
 benibaari
पुष्पराजगढ़/अनूपपुर- प्राप्त जानकारी के अनुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित लैम्प्स बेनीबारी में वर्तमान में उचित मूल्यों की दुकान संचालन हेतु सेल्समेनों की नियुक्तियां की गई है जिसमें लेम्पस प्रबंधक मीरा मरावी व उनके सहयोगी व विक्रेता नन्दकुमार पाठक के द्वारा मिलकर अपने सगे संबंधियों व रिश्तेदारों के नाम जालसाजी व झूठा प्रस्ताव पारित कराकर नियुक्ति दी गई है। शासन व विभागीय दिशा निर्देशों का पालन न करते हुए भाई भतीजा वाद चलाया गया है जिससे संबंधित लेम्पस के क्षेत्रवासियों में असंतोष व्याप्त है बेनीबारी लेम्पस के अन्तर्गत आने वाले ग्रामीण. समाजसेवी एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष के अरुण चौकसे के नेतृत्व में इसकी शिकायत अनुविभागीय दण्डाधिकारी पुष्पराजगढ़ बालागुरू के0 एवं जिला कलेक्टर अनुग्रह पी0 से संबंधित मामले कि जांच को लेकर की है। बेनीबारी लेम्पस प्रबंधक अपनी तानाशाही रवैया के लिये जानी जाती है।
Post 2
लालफीताशाही व करप्शन की भेंट चढ़ चुकी बेनीबारी लेम्पस सेल्समेनों की नियुक्तियों को लेकर आज कटघरे में खडी है संबंधित विभाग के आला अफसर अपनी हिस्सेदारी लेकर जिम्मेवारी से मुॅंह मोडे बैठें है बेनीबारी लेम्पस क्षेत्र की जनता पर असंतुष्टी की भावना फैली हुई है।
गम्भीरता से जाॅंच होने पर मामला बनेगा 420 का :–
यदि बेनीबारी लेम्पस सहकारी समिति की गम्भीरता से जाॅंच करायी जाये तो भारी अनियमितता सामने आयेगी सूत्रों के हवाले से खबर लगी है कि लेम्पस प्रबंधक मीरा मरावी की खुद की भर्ती में भी नियमों को ताक पर रखा गया था पैसे और रसूख के दम पर मीरा मरावी लेम्पस बेनीबारी की प्रबंधक के पद तक पहुॅंची हैं जाहिर सी बात है जिस पद पर बने रहने के लिये पैसे का आदान प्रदान किया गया हो उस पैसे की वसूली भी की जायेगी भले ही इस वसूली में सारे नियम कायदे कानून धरे रह जायें पर वसूली तो की ही जायेगी।  सूत्रों से जानकारी यहां तक लगी है कि सेल्समेन सुरक्षानिधि की राशि जो 50000/- (पचास हजार) निर्धारित की गई है उसकी जगह अपने उच्च अधिकारियों के नाम पर 150000 से लेकर 300000 तक वसूला गया है जिसकी जानकारी समिति के सदस्यों तक को नही लगने दी गई है महत्वपूर्ण प्रश्न यह उठता है कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के नाम से संचालित अर्धशासकीय व्यवस्था पर सहकारी समिति के नियंत्रण की जगह लेम्पस प्रबंधक का नियंत्रण कैसे हो जाता है। इसका जबाव सीधा सा है चूंकि बेनीबारी क्षेत्र आदिवासी बाहुल्यता लिये हुये आज भी पिछडा हुआ है यहां आज भी उच्च शिक्षा का अभाव है ऐसे में भोले भाले अशिक्षित किसान ही समिति के अधिकतर सदस्य होते हैं और इनके भोलेपन का फायदा उठाकर मीरा मरावी जैसे लेम्पस प्रबंधक गुमराह कर सर्वोपरि हो जाते हैं। जबसे बेनीबारी लेम्पस का प्रभाव मीरा मरावी के हाथों में आया हैै तब से लेकर आज तक बैंक खातों के माध्यम से निकलने वाले पैसों केसीसी खाद विपणन व्ययस्था धान खरीदी गेंहू उर्पाजन खरीदी केन्द्र आदि सभी माध्यमों से अतिरिक्त आय प्राप्त करने की भरसक कोशिस की जाती रही है जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता के साथ किसानोें को भुगतना पडता है।
इनके नाम बने प्रस्ताव समिति के सदस्यों को नही है जानकारी:–
राहुल सिंह धुर्वे पिता धन सिंह धुर्वे निवासी डुबसरा सन्तोष कुमार पिता नन्हेलाल यादव निवासी बेनीबारी दसवन्त सिंह श्याम पिता बहादुर सिंह श्याम निवासी बघाडी अंकित कुमार पिता नंन्द कुमार पाठक निवासी तुलरा तमेश्वर सिंह मार्को पिता स्वयंबर सिंह निवासी अतरिया अखिलेश कुमार पिता रामगोपाल पाठक निवासी तुलरा दिनकर सिंह चैहान पिता शंकर सिंह चैहान निवासी तुलरा गौरव सिंह पिता गुलाब सिंह निवासी खाटी अंकित चौकसे पिता रामसजीवन चौकसे निवासी कछराटोला के नाम का प्रस्ताव पारित कर भर्ती किये जाने हेतु उच्च अधिकारियों को सम्प्रेषित किया गया था। जिसमें अधिकांस नाम मीरा मरावी व नन्द कुमार पाठक के सगे रिश्तेदारों के हैं इससे साफ जाहिर होता है कि मीरा मरावी तानासाही रवैया अपना कर उच्च अधिकारियों की सह पर भाई भतीजावाद फैला रही है हैरानी तो तब और बढ़ जाती है जब यह पता चलता कि सहकारी समिति के अधिकांश सदस्यों को न तो इस प्रस्ताव के विषय में पता है और न ही सेल्समेनों की भर्ती के विषय मे अधिकांश सदस्यों ने मीरा मरावी की तानासाही रवैया सामने आने पर हस्तलिखित आवेदनों के माध्यम से इस भर्ती प्रक्रिया की जानकारी होने से अनिभिग्यता जताई है साथ ही मीरा मरावी के तौर तरीकों पर सवालिया निशान लगाये हैं। जैसे कि पूर्व में ही लिखा जा चुका है मीरा मरावी अपने घनिष्ट साथी नन्द कुमार पाठक के साथ मिली भगत कर इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया है।
अध्यक्ष का चुनाव ही था असंवैधानिक :–
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में प्रदत्त भारतीय संविधान से खिलवाड कर अपनी उपयोगिता के अनुसार अध्यक्ष का चुनाव कर लिया गया था संवैधानिक नियमानुसार यदि किन्ही कारण से अध्यक्ष अपने पद से प्रथक होता है तब उपाध्यक्ष को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाता है उसके 6 माह बाद पुनःसमिति के सदस्यों के माध्यम से यदि चाहा गया तो चुनाव कराया जा सकता है लेकिन बेनीबारी लेम्पस और उसकी प्रबंधक मीरा मरावी भारतीय संविधान से परे जाकर अध्यक्ष का चुनाव समिति के सदस्यों को गुमराहकर कर लिया था पहले चुने गये अध्यक्ष रामकुमार निवासी कछराटोला पर एक मुकदमा पंजीबद्व था जिसकी सुनवाई माननीय न्यायालय में विचाराधीन थी सुनवाई के दौरान अध्यक्ष रामकुमार को कुछ समय के लिये कारावास जाना पडा उसके बाद नियमानुसार उपाध्यक्ष यादवेन्द्र सिंह को अध्यक्ष का प्रभार मिलना चाहिये था लेकिन तानाशाह मीरा मरावी ने यादवेन्द्र सिंह को अध्यक्ष का प्रभार आज दिनांक तक न देकर जालसाजी कर भोले भाले समिति के सदस्यों को गुमराह कर अपनी सहूलियत के अनुसार दूसरे सदस्य दशरथ को अध्यक्ष का प्रभार दे दिया। रामकुमार जब न्यायिक हिरासत से बाहर आये उन्हे पुनःअध्यक्ष का प्रभार दिया गया यह सब कानून के परे है यह किस संविधान मे लिखा है ये बात मीरा मरावी नन्द कुमार पाठक और इनके उच्च अधिकारी ही बता सकते है लेकिन उच्च अधिकारी भी पैसों के आगे आॅंख बन्द कर कानून से बाहर जाकर मीरा मरावी को कार्य करने की छूट प्रदान किये हुए है। आज बेनीबारी लेम्पस में दो अध्यक्ष है जो कानून के दायरे से बाहर की बात है यदि सभी मामलों को गम्भीरता पूर्वक लिया जाकर बेनीबारी लेम्पस की जाॅंच करायी जाये तो सम्भागीय कार्यालय से लेकर मीरा मरावी तक सभी जाॅच के दायरे मे आयेंगें।
इनका कहना है:–
इस समय बोर्ड भंग है ऐसे में भर्ती प्रक्रिया नही की जा सकती प्रस्ताव कोई भर्ती नही कहलाती रही बात अध्यक्ष की तो उपाध्यक्ष को ही प्रभार मिलना चाहिए था ।
डी.आर.जिला अनूपपुर
चंद्रप्रताप सिंह भदौरिया
अध्यक्ष के किसी कारण से पृथक होने पर उपाध्यक्ष को ही अध्यक्ष का प्रभार मिलता है में पहले भी उपाध्यक्ष चुना जा चुका था उस समय भी अध्यक्ष किसी कारण से स्तीफा दिए थे तब उपाध्यक्ष के नाते मुझे ही प्रभार मिला था।
यादवेंद्र सिंह
उपाध्यक्ष आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बेनिबारी
Post 4
Post 2
Post 3

Leave A Reply

Your email address will not be published.

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- +919424776498

फर्जी बिल लगाने के बादशाह निकले…….गुप्ता     |     सी.एम. हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का निराकरण ना करने वाले अफसरों का वेतन आहरण नहीं होगा@अनिल दुबे9424776498     |     प्रक्रिया का पालन करें पंचायतें, टेंडर से हो खरीदी फर्जी बिल पर लगेगा अंकुश…….यदुवंश दुबे ने व्यक्त किये अपने विचार@आसुतोष सिंह     |     बस वाहन चालक यात्रियों के जेब मे डाल रहे डाका ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     पशु चिकित्सालय के अस्तित्व पर खतरा ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     बिना कनेक्शन पहुंचा बिजली बिल, आश्रम को लगा करेंट का झटका (वरिस्ट पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से)     |     पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल मार्को द्वारा दसवें उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का किया भूमि पूजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ मे समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     पटना लांघाटोला से करपा जाने वाली रोड का कब होगा कायाकल्प ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     शिशु मृत्यु दर मे कमी लाने समीक्षा बैठक हुई संपन्न ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |