# मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह का हुआ आगमन ##

Post 5

सजहा वेयर हॉउस करोड़ों गबन, मूल दस्तावेज के आभाव मे लटकी कार्यवाही….चल रहा पत्राचार का खेल ( आशुतोष सिंह की रिपोर्ट )

Post 1

मामला सजहा वेयर हाउस के करोड़ों गबन से जुड़ा…

इन्ट्रो- म.प्र. वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन की गड़बड़ियों का मामला जब अखबारों की सुर्खियां बनने लगा तब कार्यवाही के नाम पर पत्राचार का दौर अपनी तीव्र गति पकड़ रहा है। खबर प्रकाशन के बाद जहां क्षेत्रीय प्रबंधक सतना रवि सिंह द्वारा थाने मे दर्ज प्रथम सूचना की प्रगति के लिये पत्र लिखा गया तो वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा मूल दस्तावेज की मांग करते हुये प्रबंधक को खत लिख अवगत कराया गया।

 

अनूपपुर। अब तक हुई जांचों मे सरकारी दस्तावेजों मे हेराफेरी कर करोड़ों का गबन पाया गया है जिसके लिये प्रबंधक संचालक भोपाल ने कार्पोरेशन के तत्कालीन केन्द्र प्रभारी रज्जू कोल व म.प्र. वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन शाखा प्रबंधक वाई. के. त्रिपाठी के साथ एलाटी ट्रांस्पोटर मोहम्मद जकरिया, अक्सा राईस मिल मो. हाफिज मनेन्द्रगढ़, अमित राईस मिल राजेन्द्र गुप्ता अमलाई, अमीना/आयसा राईस मिल मों नसिरुद्दीन सेख खोडरी पाकीजा राईस मिल मोे. निजामुद्यीन केल्हारी, बालगोविन्द राईस मिल राहुल केशरवानी अनूपपुर से गबन की राशि वसूली के साथ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश क्षेत्रीय प्रबंधक सतना रवि सिंह को दिये है साथ ही विभागीय कर्मचारियों को सेवा से पृथक किये जाने के निर्देश जारी किये गये है।

Post 2

विभाग पत्राचार मे उलझा

अनूपपुर जिले के सजहा भण्डार गृह मे हुई 7 करोड़ से अधिक की हेराफेरी पर विभाग पत्राचार ही करता दिखाई दे रहा है। मामले की जाच उपरांत प्रबंधक संचालक द्वारा क्षेत्रीय प्रबंधक को कार्यवाही किये जाने हेतु पत्र जारी किया जाता है तो वहीं क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा एफआईआर के संदर्भ मे थाना प्रभारी को पत्र लिख प्रगति पूंछी जाती है। थाना प्रभारी द्वारा क्षेत्रीय प्रबंधक से मूल दस्तावेज जमा कराये जाने का पत्र लिखा जाता है। कुल मिलाकर म.प्र. सिविल सप्लाई कार्पोरेशन पत्रों के माध्यम से कार्यवाही कर रहा है।

भण्डार गृह से वसूली

म.प्र. वेयर हाउसिंग एण्ड लाॅजिस्टिक्स कार्पोरेशन अनूपपुर मे 22518.67 क्विंटल चावल की प्रथम जांच अक्टूबर 2016 मे क्षेत्रीय प्रबंधक सतना द्वारा भौतिक रुप से गोदाम निरीक्षण के समय की गई थी तब वेयर हाउस शाखा प्रबंधक द्वारा रिकार्ड उपलब्ध नही कराया गया। तब से लेकर वर्तमान मे जारी जांच रिपोर्ट तक कई बार की गई जिसमे 6 करोड़ 8 लाख 409 रुपये की वसूली के लिये म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन ने अनूपपुर जिले के वेयर हाउस भण्डार गृह को दिये जाने वाले चार्ज से 2017 के नवम्बर माह मे 10785172 रुपये चार्ज न देकर भरपाई कर चुकी है। ठीक इसी तरह गबन राशि की वसूली संभाग के अन्य भण्डार गृह को चार्ज न देकर करने का आदेश दिया है।

आरोपी को ही मिला काम

म.प्र. सिविल सप्लाई कार्पोरेशन की जांच अनुसार 765.78 क्विंटल चावल गबन करने के आरोपी मो. जकरिया को ही वर्तमान मे एलाटी ट्रांस्पोर्ट का काम सौंपा गया है विभाग द्वारा परिवहन कर्ता को 33977 रुपये भाड़े केे एवज मे भुगतान किया गया किन्तु 1570 बोरा चावल का भाड़ा प्राप्त करने वाला मो. जकरिया के तीनों ट्रक राजेन्द्रग्राम वेयर हाउस तक नही पहुंचे। वर्तमान मे मो. जकरिया से ही एलाटी व द्वार प्रदाय का कार्य कराया जा रहा है यदि पूर्व मे ही जांच लम्बित थी तब कार्य दिया जाना सार्थक नही कहा जा सकता। वर्तमान मे एफआईआर के आदेश के बाद कार्य लिया जाना आगे भी गड़बड़ी किये जाने के संदेह से परे नही हो सकता।

मिलरों की पौबारा

अक्सा राईस मिल मो. हाफिज मनेन्द्रगढ़, अमित राईस मिल राजेन्द्र गुप्ता अमलाई, अमीना/आयसा राईस मिल मों नसिरुद्दीन सेख खोडरी पाकीजा राईस मिल मोे. निजामुद्यीन केल्हारी, बालगोविन्द राईस मिल राहुल केशरवानी सहित राईस मिलर आरोंपों के बाद भी धड़ल्ले से मिलिंग संबधी सरकारी काम मे लगे हुये है। एक तरफ वसूली सहित एफआईआर के आदेश देने वाली संस्था उन्हे ही कार्य किये जाने का निर्देश दे रही है। धान मिलिंग का भुगतान पत्रक उनके नाम बनाये जा रहे है जिन पर आरोप है कि तात्कालीन सजहा गोदाम प्रबंधक व केन्द्र प्रभारी से मिली भगत कर फर्जी दस्तावेज बनाये गये थे इसीलिये कहा जा सकता है मिलरों की पौबारा….।

जांच के ऐसे है नियम

जानकारोें की माने तो पांच हजार मिट्रिक टन तक की गोदामों का भौतिक सर्वेक्षण प्रति तीन माह मे किया जाता है। उससे ऊपर की भण्डारण क्षमता वाले गोदामों का प्रतिमाह भौतिक सर्वेक्षण दोनों विभाग जिसमे सिविल सप्लाई कार्पोरेशन और वेयर हाउसिंग एवं लाॅजिस्टिक्स कार्पोंरेषन के ऑडिटर द्वारा अलग-अलग किया जाता है। दोनो विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा प्रतिवर्ष कम से कम दो बार गोदामों का औचक निरीक्षण किया जाने का प्रावधान है साथ ही प्राईवेट सीए जो म.प्र. शासन से मान्यता प्राप्त हो से भी प्रतिवर्ष 31 मार्च तक ऑडिट कराई जाती हैै। साथ ही जिला खाद्य अधिकारी व उनके अधीनस्थ कर्मचारी द्वारा समय समय पर भण्डारित आनाज की गुणवत्ता, भण्डारित स्कंध की जानकारी जुटाये जाने का प्रावधान है। नियमानुरुप इतनी ऑडिट/जांच के बाद भी चावल का वर्ष 2011 से 2016 तक लगातार खुर्द-बुर्द किया जाना समझ के परे है….?

इनका कहना है

हमारे द्वारा मूल दस्तावेज की मांग की गई है। बिना दस्तावेज प्राथमिकी दर्ज नही की जा सकती।
नरेन्द्र पाल
थाना प्रभारी कोतवाली अनूपपुर

सजहा से संबंधित दस्तावेज कार्यालय मे रखे हुये हैं सोमवार को उसकी वास्तविक स्थिति से अवगत कराऊंगा।
अभिजीत अग्रवाल
प्रबंधक संचालक भोपाल
म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन लिमिटेड

 

Post 4
Post 2
Post 3

Leave A Reply

Your email address will not be published.

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- +919424776498

फर्जी बिल लगाने के बादशाह निकले…….गुप्ता     |     सी.एम. हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का निराकरण ना करने वाले अफसरों का वेतन आहरण नहीं होगा@अनिल दुबे9424776498     |     प्रक्रिया का पालन करें पंचायतें, टेंडर से हो खरीदी फर्जी बिल पर लगेगा अंकुश…….यदुवंश दुबे ने व्यक्त किये अपने विचार@आसुतोष सिंह     |     बस वाहन चालक यात्रियों के जेब मे डाल रहे डाका ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     पशु चिकित्सालय के अस्तित्व पर खतरा ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     बिना कनेक्शन पहुंचा बिजली बिल, आश्रम को लगा करेंट का झटका (वरिस्ट पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से)     |     पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल मार्को द्वारा दसवें उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का किया भूमि पूजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ मे समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     पटना लांघाटोला से करपा जाने वाली रोड का कब होगा कायाकल्प ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     शिशु मृत्यु दर मे कमी लाने समीक्षा बैठक हुई संपन्न ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |