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गबन के आरोपी एलाटी ट्रांसपोटर को बचाने गुमराह कर रहा विभाग (आशुतोष सिंह की रिपोर्ट)

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मामला वेयर हाउस, नागरिक आपूर्ति व खाद्य विभाग से जुड़ा…

इन्ट्रो- म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेषन लिमिटेड भोपाल ने सजहा वेयर हाउस से खुर्द बुर्द चावल की जांच मे तात्कालीन शाखा प्रबंधक, केन्द्र प्रभारी, राईस मिलरों को दोषी पाया। साथ ही एलाटी ट्रांस्पोटर मो. जकरिया को तीन ट्रक चावल वेयर हाउस की शाखा राजेन्द्रग्राम तक नही पहुंचाने व ढुलाई भाडे़ की राषि लेने का दोषी पाया। नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक संचालक ने ट्रांस्पोटर पर 22,20,762 रुपये की वसूली के आदेश जारी करते हुये पैसे न जमा करने पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। इधर राजेन्द्रग्राम वेयर हाउस के प्रबंधक पत्र जारी कर आपरेटर से हुई त्रुटि बता ट्रांस्पोटर को बचाने लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

 

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अनूपपुर।

सजहा गोदाम से खुर्द बुर्द हुये स्कंध चावल की जांच खाद्य संचालनालय के आदेश क्रमांक 6915/खाद्य/2017, आदेश क्रमांक 4494 दिनांक 06.07.2018 व इससे पूर्व म.प्र. वेयर हाउसिंग लाॅजिस्टिक्स कार्पोंरेषन के विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई। तीनों समितियों की जांच रिपोर्ट मे 6 करोड़ 4 लाख 8 हजार आठ सौ छब्बीस रुपये की वसूली शाखा प्रबंधक वाई. के त्रिपाठी केन्द्र प्रभारी रज्जू कोल व संबधित मिलरों से किये जाने की बात कही गई वहीं एलाटी ट्रांस्पोटर मो. जकरिया को बिना परिवहन 765.78 क्विंटल चावल खुर्द बुर्द करने का दोषी पाया गया। 2900/रुपये प्रति क्विंटल के मान से कुल राषि 22,20,762 मो. जकरिया से तत्काल जमा कराये जाने की बात कही गई राषि जमा नही करने पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देष जारी किये गये। इधर मो. जकरिया राजेन्द्रग्राम वेयर हाउस के शाखा प्रबंधक से मिली भगत कर 17.06.2020 को आपरेटर त्रुटि का हवाला दे चावल जमा करने की बात कह खुद को बेगुनाह साबित करने मे जुटा है।

ट्रक नंबरों मे अंतर

नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा बताये गये गायब ट्रकों और प्रबंधक द्वारा आपरेटर त्रुटि मे पाये गये ट्रकों के नंबरो मे अंतर है। प्रबंधक द्वारा लिखे पत्र मे दो ट्रक नंबरों का मिलान तो हो रहा है किन्तु एमपी 18 जीए 5568 की जगह एमपी 18 जीए 5588 दर्षाया गया है। जांच मे मो. जकरिया के तीनों ट्रक क्रमांक एमपी 18 जीए 1131, एमपी 18 जीए 5568, एमपी 18 जीए 2649 वेयर हाउस के सजहा गोदाम से राजेन्द्रग्राम गोदाम नही पहुंचना पाया गया। मामले पर जैसे ही नागरिक आपूर्ति निगम एफआईआर दर्ज कराने पर जोर देने लगा तब ट्रांस्पोटर मो. जकरिया प्रबंधक से मिली भगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने मे जुट गया। जिला प्रबंधक को दिनांक 17.06.2020 को पत्र जारी करते हुये ट्रक नंबर एमपी 18 जीए 1131, एमपी 18 जीए 5588, एमपी 18 जीए 2649 को आपरेटर से हुई त्रुटि की वजह से दर्ज नही हो पाने की बात कही। बहरहाल मामला सुलझने की जगह उलझता ही जा रहा है।

विभाग कर रहा गुमराह

म.प्र. वेयर हाउसिंग एवं लाॅजिस्टिक्स कार्पोरेषन की षाखा सजहा गोदाम से गायब हुये करोड़ों के चावल के मामले मे तीनों विभागों का रुख अलग अलग है। जहां एक ओर नागरिक आपूर्ति निगम जांच मे पाये गये दोषियो पर सख्त कार्यवाही कराने की बात कर रहा है वहीं वेयर हाउस व खाद्य विभाग मौन धारण किये हुये है। करोड़ों के चावल खुर्द बुर्द होने पर तीनों विभाग की जिम्मेवारी अब तक तय नही की जा सकी है यही वजह है कि दोषियों पर कार्यवाही की जगह हीलाहवाली का क्रम आज भी बदस्तूर जारी है। विभाग पत्राचार के खेल मे उलझा हुआ है वहीं गरीबों के निवाले को खुर्द बुर्द करने के आरोपी जिन्हे सलाखों के पीछे होना चाहिये अपनी रसूख व विभागीय पत्राचार की आड़ मे खुलेआम घूम रहे है। वेयर हाउस की शाखा राजेन्द्रग्राम के प्रबंधक द्वारा जारी पत्र से स्पष्ट होता हैै कि विभागों के कुछ अफसर लोगों को गुमराह व आरोपियों के बचाव करने पर आमदा है।

आरोपी को ठेका समझ से परे

वर्तमान समय मे एलाटी ट्रांस्पोर्ट का काम कर रहे मो. जकरिया पर पूर्व मे गबन का आरोप है जिसे विभिन्न जांचों के द्वारा आरोपित किया गया है। 22 लाख से अधिक के हेराफेरी व गबन के दोषी फर्म व व्यक्ति को उसी कार्य का ठेका दिया जाना संदेहास्पद नजर आता है। वेयर हाउस के सजहा गोदाम से वित्त वर्ष 2015-16 मे 765.78 क्विंटल चावल तात्कालिक ट्रांस्पोटर द्वारा खुर्द बुर्द किया गया साथ ही बिना परिवहन स्कंध का भाड़ा 33 हजार 977 का भुगतान तात्कालीन जिला प्रबंधक से लिया गया। यह बात नागरिक आपूर्ति निगम की जांच रिपोर्ट मे पाई गई है। बावजूद इसके वर्तमान मे मो. जकरिया से ही एलाटी ट्रांस्पोर्ट का कार्य लिया जा रहा है जो समझ के परे है।

”फौजी,, साले का धमाल

एलाटी ट्रांस्पोटर मो. जकरिया के साले की फर्म फौजी ट्रांस्पोर्ट को वर्तमान मे द्वार प्रदाय का कार्य दिया गया है। फौजी ट्रांस्पोर्ट द्वारा उचित मूल्य की दुकानों तक अनियमितता भरी ट्रांसपोर्टिंग करने का आरोप प्रायः लगते रहते है। वर्तमान समय मे राजेन्द्रग्राम स्थित उचित मूल्य की दुकान हवेली मे तुअर दाल कम पहुंचाई गई थी तो हर्रई दुकान के लिये वेयर हाउस से दिनांक 23.07.2020 को निकला खाद्यान 26.07.20 को पहुंचाया गया वह भी दुकान से तीन बोरी गेहूं पहुंचाने वाले ट्रक के ड्राईवर द्वारा केबिन मे रख वापस लाया गया जब दुकानदार द्वारा आधे भरे ढीले बोरे का तौल कराने की बात कही गई तब ट्रक ड्राईवर मालिक की धौस बता तौल कराने से इंकार कर दिया। ऐसे सैकड़ों मामले हैं जिनकी जानकारी होने के बाद भी विभागये अधिकारी मौन धारण करे बैठे हैं।

इनका कहना है

सजहा गोदाम से खुर्द बुर्द हुए चावल की जांच भोपाल से आई नान, वेयरहाउस, वाणिज्य और खाद्य विभाग की टीमो द्वारा की गईं जिसमे परिवहन कर्ता को दोषी पाया गया। इस जांच को दरकिनार कर क्लीन चिट देने का अधिकार वेयरहाउस मैनेजर को नही है।

प्रीति शर्मा
जिला प्रबंधक वेयरहाउस एवं लॉजिस्टिक कारपोरेशन अनूपपुर

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