# मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह का हुआ आगमन ##

Post 5

ओवरफ्लो बांध से किसानों की फसल बर्बाद (रमेश तिवारी की रिपोर्ट )

Post 1

टेंडर के 6 वर्ष बीत जाने के बाद भी नहर का निर्माण नहीं हुआ

पुष्पराजगढ़:-

अनूपपुर जिले के पुष्परजगढ़ क्षेत्र के ग्राम बहपुर में जल संसाधन विभाग द्वारा सन् 2014 में लगभग 5 करोड़ की लागत से बांध का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया था। किसानों की भूमि को सिंचित करने हेतु नहर निर्माण का टेंडर सन् 2014 मे लगभग 32 लाख की लागत से स्वीकृत हुआ था। लेकिन 6 वर्ष बीत जाने के बाद भी ठेकेदार द्वारा नहर का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया गया है जिसके कारण बांध का ओवरफ्लो पानी कैनाल से होकर तेज बहाव के साथ सीधे किसानों के खेतों में जाता है जिसके कारण सैकड़ों किसानों की फसल बर्बाद हो गई है।

Post 2

विगत वर्ष भी फसल हुई थी बर्बाद:-

वर्ष 2019 में भी बहपुर बांध में पानी अधिक भर जाने के कारण ओवरफ्लो पानी को जल संसाधन विभाग द्वारा कैनाल के माध्यम से निकाला गया था।पानी का बहाव इतना तेज था कि 50 किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी जिसकी शिकायत उच्च विभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर महोदय से की गई थी। इसके बावजूद न तो नहर का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया और ना ही अन्य उपाय किए गए जिसके कारण इस वर्ष भी बांध का पानी ओवरफ्लो होकर कैनाल से तेज बहाव के साथ सीधे खेतों पर जा रहा है जिसके कारण फसल बर्बाद हो रही है।

बांध के पानी से दो तलाब टूटने की कगार पर:-

बांध के नीचे दो तलाब बने हुये है। बांध का ओवरफ्लो पानी खेतों को नुकसान करते हुए तालाबों में भर रहा है जिसके कारण तालाब भी पूरी तरह से भर गए हैं तथा तालाबों का ओवरफ्लो पानी खेतों में तेज बहाव के साथ जा रहा है जिसके कारण और भी किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। तालाबों की मेढ भी टूटने की कगार पर है अगर तालाब क्षतिग्रस्त हुए तो और अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा।

विभागीय लापरवाही से नहर का निर्माण कार्य अधूरा:-

बहपुर बांध का निर्माण कार्य 2014 में पूर्ण करा लिया गया था और नहर निर्माण कार्य का टेंडर सन् 2014 में लगभग 32 लाख की लागत से स्वीकृत हुआ था। इसके बावजूद 6 वर्ष बीत जाने के बाद भी नहर का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया है और विभाग 6 वर्ष से पत्राचार कर रहा है जिसका नुकसान गांव के किसानों को उठाना पड़ रहा है।

450 हेक्टेयर भूमि के किसान सिंचाई से वंचित:-

बहपुर बांध का निर्माण कार्य 2 पार्ट में कराया गया था। प्रथम पार्ट में काम के बदले अनाज एवं दूसरे पार्ट में राशि स्वीकृत कि गयी थी। दोनों को मिलाकर लगभग 5 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य कराया गया तथा किसानों की 450 हेक्टेयर भूमि सिंचित किए जाने का प्रावधान था। लेकिन ठेकेदार द्वारा नहर का कार्य पूर्ण नहीं कराया गया जिसके लिए मुख्य अभियंता रीवा गंगाकछार को विभाग द्वारा पत्राचार किया गया है लेकिन अभी तक ठेकेदार का ना तो टेंडर निरस्त किया गया और ना ही नहर का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया है जिसके कारण 450 हेक्टेयर के किसान आज भी सिंचाई से वंचित है तथा बांध के ओवरफ्लो पानी के तेज बहाव के कारण विगत वर्षों से उनकी फसलो का नुकसान हो रहा है।

नहर बनी नहीं 24 लाख खर्च:-

उपयंत्री सूर्यवंशी जी ने बताया कि ठेकेदार द्वारा लगभग 24 लाख की राशि का नहर निर्माण कार्य कराया जा चुका है सिर्फ आठ लाख का कार्य शेष है ।जबकि गांव वालों का कहना है कि नहर किसी के भी द्वारा नहीं बनाई गई है। मौके पर किसी प्रकार की नहर नही बनी हुई है।

इनका कहना है:-

इस संबंध में ई से चर्चा करूंगा।

आर टी तिवारी

अधीक्षण यंत्री शहडोल

Post 4
Post 2
Post 3

Leave A Reply

Your email address will not be published.

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- +919424776498

फर्जी बिल लगाने के बादशाह निकले…….गुप्ता     |     सी.एम. हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का निराकरण ना करने वाले अफसरों का वेतन आहरण नहीं होगा@अनिल दुबे9424776498     |     प्रक्रिया का पालन करें पंचायतें, टेंडर से हो खरीदी फर्जी बिल पर लगेगा अंकुश…….यदुवंश दुबे ने व्यक्त किये अपने विचार@आसुतोष सिंह     |     बस वाहन चालक यात्रियों के जेब मे डाल रहे डाका ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     पशु चिकित्सालय के अस्तित्व पर खतरा ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     बिना कनेक्शन पहुंचा बिजली बिल, आश्रम को लगा करेंट का झटका (वरिस्ट पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से)     |     पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल मार्को द्वारा दसवें उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का किया भूमि पूजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ मे समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     पटना लांघाटोला से करपा जाने वाली रोड का कब होगा कायाकल्प ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     शिशु मृत्यु दर मे कमी लाने समीक्षा बैठक हुई संपन्न ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |