# मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह का हुआ आगमन ##

Post 5

छत्तीसगढ़ के खनिज माफिया मैकांचल में हो रहे आबाद अलग-अलग क्षेत्रों में कर रहे खनिज दोहन जेठू सेठ : सभी कारोबारियों पर भारी (रमेश तिवारी की रिपोर्ट)

Post 1

पुष्पराजगढ़/ छत्तीसगढ़ के पेंड्रा गोरेला के चार खनिज कारोबारीयो ने जिले के मैकानचल पर्वत श्रंखला को खोखला कर दिया है। बीते एक डेढ़ दशक के दौरान जेठू , लल्लन, विजय, सुभाष सेठ के नाम से पहचाने जाने वाले इन चार खनिज कारोबारीयो ने , खनिज राजस्व और वन विभाग के कायदो की खुलकर धज्जियां उड़ाई हैं और यह सिलसिला अभी भी जारी है ।पुष्पराजगढ़ विकासखंड के दर्जनभर ग्रामों में जिले की सीमा से सटे छत्तीसगढ़ के पेंड्रा गौरेला के खनिज कारोबारियों ने नियमों को मुट्ठी में लेकर मैंकानचल को छलनी करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। लगातार मिल रही शिकायत के बाद मंगलवार को खनिज अधिकारी और उनके अधीनस्थ जब वहां पहुंचे तो यह देखकर उनके होश उड़ गए की दर्जन भर गांवों में पहले जयप्रकाश शिवदासानी उर्फ जेठू सेठ तथा घनश्याम तिवारी उर्फ लल्लन सेठ, विजय मित्तल एवं सुभाष मित्तल के नेटवर्क द्वारा वन तथा राजस्व की भूमि पर अवैध उत्खनन का कार्य कर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जहां से अवैध खनिज का उत्खनन करने के बाद अपने क्रेशरो से होते हुए चोरी के रास्ते छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में करोड़ों का खनिज भेज दिया गया ।मौके पर मौजूद गांव के लोग इस बात के गवाह है। बहरहाल खनिज अधिकारी के द्वारा मौके का निरीक्षण करने के बाद अंचल के रहवासियों को कार्यवाही की उम्मीद जरूर दिख रही है।

मैकानचल में तीन क्रेशर संचालित

मैंकांचल में जयप्रकाश शिवदासानी उर्फ जेठू सेठ के तीन क्रेशर संचालित किए जा रहे हैं जिसमें ग्राम परसेल कला, बड़ी तुम्मी तथा हर्रा टोला में क्रेशर संचालित है। चौथा बड़ा क्रेशर ग्राम बसही में स्थापित किया जा रहा है ।जयप्रकाश शिवदासानी उर्फ जेठू सेठ सभी खनिज कारोबारियों पर अकेले ही भारी हैं। मैकानचल क्षेत्र के आधे खनिज भू भाग का कारोबार अकेले जेठू सेठ द्वारा किया जा रहा हैं।

 

Post 2

राजस्व और वन भूमि पर जमकर उत्खनन

दिखावे के लिए चारों कारोबारियों ने खदान लीज पर तो ली है ।लेकिन अभी तक उनके द्वारा लीज स्थल से खोदे गए पत्थरों क्रेशरो में रखे गए पत्थऱ का भौतिक सत्यापन कराया जाए तो लाखों का जुर्माना होगा। जेठू सेठ ने परसेल कला के अलावा बड़ी मम्मी में लीज ली है। लेकिन उनके द्वारा राजस्व, वन भूमि में भी बड़े पैमाने पर स्थानीय विभागीय कर्मचारियों को मैनेज कर उत्खनन किया जा रहा है।

खदानों को तारों से नहीं घेरा गया

खनिज विभाग द्वारा कारोबारियों को खदान व क्रेशर संचालन की अनुमति में यह स्पष्ट किया गया है कि क्रेशर के चारों तरफ बाउंड्री वॉल व पर्याप्त संख्या में पेड़ लगे होने चाहिए। जिससे पर्यावरण को क्षति न पहुंचे यही नहीं खदान संचालित करने से पहले ही भूमि का सीमांकन करवाकर तारों की फेंसिंग करवाकर स्थल सुरक्षित करें तथा निर्धारित रकवे व अवधि के साथ खदान के ठेकेदार का नाम भी सूचना पटल पर दर्शाया जाए लेकिन वहां शायद सारे नियम कानून नोटों के आगे घुटने टेक दिए हैं।

बिना अनुमति की जाती है ब्लास्टिंग

लगभग सभी स्थानों पर इन कारोबारियों द्वारा बिना अनुमति के ब्लास्टिंग की जा रही है ।यह खेल आज और कल का नहीं है बल्कि बीते एक दशक से चल रहा है। जिन स्थानों से इनके द्वारा पत्थर उठाए जा रहे हैं वहां आज बड़ी बड़ी खाईयां निर्मित हो गई है ।जिन को देखने से ही इनके कारनामों का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुष्पराजगढ के राजस्व अधिकारियों को की गई शिकायतों के बाद उनके द्वारा इनके क्रेशरो व खदान पर क्षेत्र का निरीक्षण तक नहीं किया जाता है। जबकि यहां हर समय ब्लास्टिंग की मशीन और बड़ी संख्या में डेटोनेटर बारूद मौजूद रहता है । सवाल यह भी उठता है जब इन्हें ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं है तो इन्हें विस्फोट सामग्री कैसे मुहैयां हो रही है।

वन भूमि के मुनारे भी असुरक्षित

मैकानचल पर्वत श्रंखला का अधिकांश क्षेत्र बायोस्फीयर रिजर्व एरिया में आता है। जिला प्रशासन ने इन्हें खदान संचालित करने की अनुमति तो दे दी लेकिन उसमें यह स्पष्ट किया है कि जहां भी वन भूमि के मनारे हैं उससे 7. 50 मीटर दूर व चिन्हित स्थल पर ही उत्खनन किया जाए। लेकिन इन कारोबारीयो द्वारा वर्तमान व पूर्व में जिस स्थल से उत्खनन किया गया है वहां उन्होंने वन भूमि की मुनारो तक को भी नहीं बख्शा है।

इनका कहना है

क्रेशर संचालकों द्वारा अगर नियमों की अनदेखी की जा रही है उन बिंदुओं जानकारी मुझे दीजिए जाॅच कर कार्यवाही की जाएगी।

पी पी राय
खनिज अधिकारी

Post 4
Post 2
Post 3

Leave A Reply

Your email address will not be published.

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- +919424776498

फर्जी बिल लगाने के बादशाह निकले…….गुप्ता     |     सी.एम. हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का निराकरण ना करने वाले अफसरों का वेतन आहरण नहीं होगा@अनिल दुबे9424776498     |     प्रक्रिया का पालन करें पंचायतें, टेंडर से हो खरीदी फर्जी बिल पर लगेगा अंकुश…….यदुवंश दुबे ने व्यक्त किये अपने विचार@आसुतोष सिंह     |     बस वाहन चालक यात्रियों के जेब मे डाल रहे डाका ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     पशु चिकित्सालय के अस्तित्व पर खतरा ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     बिना कनेक्शन पहुंचा बिजली बिल, आश्रम को लगा करेंट का झटका (वरिस्ट पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से)     |     पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल मार्को द्वारा दसवें उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का किया भूमि पूजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ मे समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     पटना लांघाटोला से करपा जाने वाली रोड का कब होगा कायाकल्प ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     शिशु मृत्यु दर मे कमी लाने समीक्षा बैठक हुई संपन्न ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |