# मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह का हुआ आगमन ##

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क्या यहाँ ? इंसान की जगह आवारा कुत्तो को किया जाता है भर्ती {पुष्पेन्द्र रजक की रिपोर्ट}

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अनूपपुर-

जहां एक ओर जिला अस्पताल को सूबे के मुखिया द्वारा कायाकल्प दस्तक अभियान एवं निरोगी काया कल्प योजना के तहत अनूपपुर जिले को 05 लाख रुपये देकर पुरष्कृत किया जा रहा है जिससे समूचे जिले वासी अपने आप को गौरान्वित महशूस कर रहे अधिकारी भी अपनी पीठ थपथपा रहे है वे अनूपपुर जिले का सबसे पिछड़ा आदिवासी क्षेत्र पुष्पराजगढ़ जहां की जमीनी हकीकत कुछ इस प्रकार बयां हो रहा है सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में एक चौका देने वाला नजारा दिखाई दिया जहां इंसान के भर्ती बिस्तर पर शहर के आवारा कुत्तो का जमावड़ा दिखाई दे रहा जिस बिस्तर पर इंसानो को भर्ती कराकर स्वास्थ उपचार किया जाता है उन्ही बिस्तरो पर आवारा कुत्ते आराम फरमा रहे जिससे अस्पताल प्रबधक एवं जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारीओ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है लचर ब्यवस्था एवं सुरक्षा ब्यवस्था की पोल खोल कर सामने आई फ़ोटो और वीडियो से स्पस्ट हो गया की विगत दिनों रात्रि के 08 बजे मरीजो के बिस्तर पर आवारा कुत्ते शयन करते नजर आये साथ ही शहर के आवारा पशुओं को भी विचरण करते हुऐ देखा गया। आखिर कब जागेगा प्रशासन क्या पुरानी घटना की पुनरावृत्ति का इंतजार या तैनात डियूटी कर्मचारियों को अभयदान?

प्रसूती वार्ड में घुसे आवारा कुत्ते बिभाग कुम्भकरण की निद्रा में

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हद तो तब पार हो गई जब आवारा कुत्ते प्रसूती वार्ड में घुस गये जबकि विगत कुछ वर्षों पूर्व इसी सामुदायिक स्वास्थ केंद्र से एक अज्ञात महिला ने नवजात शिशु चोरी करके भाग गई थी एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी इसी सामुदायिक स्वास्थ केंद्र से नवजात शिषु को घसीटकर अस्पताल परिसर के पीछे ले जाकर आवारा कुत्ते नोच नोच कर खा रहे थे जिसकी सूचना ग्रामीणों एवं मीडिया कर्मियों द्वारा शासन प्रशासन को दी गई थी जिसके बाद प्रशासन जागा और आनन फानन में तत्यकाल सीसीटीवी कैमरा लगवाकर सुरक्षा कर्मी तैनात कर उक्त पूरे मामले पर पर्दा डाल कर डियूटी पर तैनात कर्मचारियों को अभयदान दे दिया गया क्या प्रशासन उसी हादसे के इंतजार में उक्त घटना की पुनरावृत्ति के उद्देश्य से लापरवाही बरत रहा है।आखिर कहां गये डियूटी में तैनात कर्मचारी कहाँ गये सुरक्षाकर्मी कहाँ गायब हो गया शासकीय राशि से क्रय किया गये लाखो रुपये के सीसीटीवी कैमरे या महज दिखावे के लिये ही लगाये गये है अस्पताल प्रबंधक को चाहिए की अस्पताल परिषर में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाल कर उस वक्त पर तैनात डियूटी कर्मचारियों एवं सुरक्षा कर्मियों के विरुद्ध तत्यकाल कार्यवाही करे।

अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा सामुदायिक स्वास्थ केंद्र

अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पुष्पराजगढ़ की लचर ब्यवस्था एवं डियूटी कर्मचारियों की अफसरशाही रवैया एवं भर्ती मरीजो के साथ भी सौतेला ब्यौहार किया जाता है मरीजो को दिये जा रहे निशुल्क भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे है रात्रिकालीन डियूटी कर्मचारीयो के अलावा अस्पताल परिसर इर्दगिर्द आसामाजिक तत्त्वों का डेरा बना रहता है।

सुबिधा के अभाव में दर दर भटक रहे है क्षेत्रवासी

केन्द्र व राज्य सरकार अस्पतालों को हाईटेक बनाने की कवायद में जुटी है वही पुष्पराजगढ़ क्षेत्र शासन की तमाम महत्वाकांक्षी योजनायें दम तोड़ती दिखाई पड़ रही है आज भी सरकारी अस्पताल पुराने ढर्रे से बाहर नहीं निकल पा रहे है 40 बिस्तरी सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र पुष्पराजगढ़ में सुविधाओं का घोर अभाव है क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मुहैया कराने में बाधक बन रहा है कारण समुचित संसाधनों तथा स्वास्थ कर्मियों के कमी के कारण यह अस्पताल अपने उद्देश्यों को पूरा करने में सफल नहीं हो पा रहा है बाहर से चकाचक भवन लोगों को इस बात की उम्मीद जरूर दिलाता है कि यहां तमाम आधुनिक स्वास्थ्य सेवा के सभी उपकरण उपलब्ध होंगे लेकिन कैंपस में आते ही बदहाली का एहसास होने लगता है यहाँ स्वीकृति पद के अनुरूप ना तो डॉक्टर है और ना ही स्वास्थ कर्मी सारे आधुनिक संसाधन देखरेख के अभाव में दम तोड़ते दिखाई पड़ रहे है।

कई उप स्वास्थ केंद्रों में वर्षो से लटके है ताले

पुष्पराजगढ़ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के उप स्वास्थ केन्दों में ताले लटके है महज कागजी खानापूर्ति कर आंकड़ो की बाजीगीरी कर शासन के तमाम योजनाओं पर पलीता लगाया जा रहा है जिसकी शिकायत कई बार ग्रामीणों एवं स्थानीय पत्रकारों द्वारा स्वास्थ बिभाग को अवगत कराया जा चुका है परंतु संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही का झूठा आश्वासन देकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा नजर अंदाज कर दिया जाता है जिससे गरीब आदिवासी मजदूर मजबूर होकर झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार कराने के लिए विवस होना पड़ता है जब तहसील मुख्यालय की ही ब्यवस्था बदहाल है तो क्षेत्र के उपस्वास्थ्य केन्दों की स्थिति क्या होगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

ईनका कहना है

अगर ऎसी लापरवाही बरती गई है तो सीसीटीवी से फुटेज खंगाल कर डियूटी में तैनात कर्मचारियों के विरुद्ध शख्त कार्यवाही की जायेगी
डॉ एस.के सिंह बीएमओ पुष्पराजगढ़

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