# मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह का हुआ आगमन ##

Post 5

किसान आंदोलन पर विचार राजनीति से हटकर … सोचता हूँ व्यक्त करना चाहिये….दलबीर सिंह@

Post 1

जहाँ तक मैं समझा किसान चाहते है कि मिनिमम सपोर्ट प्राईस (सरकारी खरीद दाम) को विधिक दर्जा दिया जाये क्योकि जब आज मंडियाँ है, सरकारी खरीद दाम है, तब भी 90 प्रतिशत से ज्यादा किसानों को ओने-पौने दाम पर ही अनाज बेचना पड रहा है, उनकी लागत नही निकल रही है, तो कारपोरेट घरानो के आने से उनकी स्थिति और खराब होगी ही !!
सरकार कह रही है कि किसानों की आय दुगनी करेंगे मतलब आज वाले ही दाम जो सरकार के ही हिसाब से आधे है उसे क़ानूनी रूप से सुरक्षित करने में क्या समस्या है ? ?
मेरा समझना है कि आज जब हर बस्तु यहाँ तक की श्रमिक मज़दूरी भी तय है तो अनाज के दाम क्यो तय न हो ??
MSP से कम पर न ख़रीदे जाये यदि कोई नही ख़रीदता तो सरकार ख़रीदे। जो अनाज देश की जरूरत से ज्यादा है उसे निर्यात करे। विभिन्न देशों से नये ट्रेड समझौते करे ।
डाटा बता रहे है कि WTO से 2005 में जुड़ने के बाद करीब 10 वर्ष तक अनाजों का निर्यात प्रतिवर्ष 25% से ज्यादा बढा है।
हमने गांव में गर्मियों के दिनों में गेहूं की ख़ूब मड़ाई की है (बैलों के पीछे पीछे चलते हुये)। तब थ्रेसर नही आये थे, मुझे किसान का दर्द भी पता है और फिर नौकरी भी की है। मुझे पता है कि जिस रफ़्तार से हमारी (नोकरी में) तनख़्वाह बढ़ी उस रफ़्तार से किसान के उपज की क़ीमत नही बढ़ी। खेती करना अब फ़ायदे में नही रहा, किसान आत्महत्या कर रहे है, हमारे पिता और चाचाओं को हमारे दादा-दादी ने कहा कि क्या करोगे बहुत पढ़ लिख कर खेती बहुत है, हमसे कहा गया कि खेती से कुछ ख़ास नही होना पढ़ो लिखो नौकरी करो। ।।
हम (भारत सरकार) कारपोरेट घरानों को राहत पर राहत देते है, वे बैंकों पर चूना लगाकर भाग भी रहे है, बैंक उन्ही के कारण डूबने की कगार पर है, पर हम किसान को लागत / सरकारी खरीद क़ीमत नही दे पा रहे, उसको कानून के दायरे में नही ला पा रहे है, ऐसा क्यों ???
मेरे लिहाज से सबसे बडी बात यह है कि किसान का पैसा फिर अर्थव्यवस्था को भी दौड़ायेगा, वही पैसा हमारी माँग बढ़ायेगा, माँग बढ़ेगी तो नौकरियाँ बढ़ेगी, जीडीपी बढ़ेगी, किसान का बढा पैसा फिर देश की अर्थव्यवस्था में ही लगेगा ।।
जरा सोचिए सो मेरे लिहाज से किसानों की माँग जायज़ हैऔर देश हित में भी है ।

Post 4
Post 2
Post 3

Leave A Reply

Your email address will not be published.

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- +919424776498

फर्जी बिल लगाने के बादशाह निकले…….गुप्ता     |     सी.एम. हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का निराकरण ना करने वाले अफसरों का वेतन आहरण नहीं होगा@अनिल दुबे9424776498     |     प्रक्रिया का पालन करें पंचायतें, टेंडर से हो खरीदी फर्जी बिल पर लगेगा अंकुश…….यदुवंश दुबे ने व्यक्त किये अपने विचार@आसुतोष सिंह     |     बस वाहन चालक यात्रियों के जेब मे डाल रहे डाका ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     पशु चिकित्सालय के अस्तित्व पर खतरा ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     बिना कनेक्शन पहुंचा बिजली बिल, आश्रम को लगा करेंट का झटका (वरिस्ट पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से)     |     पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल मार्को द्वारा दसवें उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का किया भूमि पूजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ मे समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     पटना लांघाटोला से करपा जाने वाली रोड का कब होगा कायाकल्प ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     शिशु मृत्यु दर मे कमी लाने समीक्षा बैठक हुई संपन्न ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |