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सरकारी कर्मचारियों को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, 4% बढ़ाया पेंशन स्कीम में योगदान

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साल खत्म होने से पहले ही मोदी सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार अब सरकारी कर्मचारियों को लुभाने की कोशिश में जुटी हुई है। इसी कोशिश के तहत गुरुवार को सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए तोहफे का ऐलान किया। कैबिनेट ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में सरकार का योगदान बढ़ाकर मूल वेतन का 14 प्रतिशत कर दिया। यानी अब सरकार आपके पेंशन में आपके मूल वेतन का 14 फीसदी योगदान करेगी, जबकि कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 प्रतिशत बना रहेगाआपको बता दें कि सरकार के इस फैसले के बाद अगर कर्मचारी रिटायरमेंट के समय एनपीएस में जमा रकम का कोई भी हिस्सा नहीं निकालता है और 100 प्रतिशत पेंशन योजना में हस्तांतरित करता है तो उसकी पेंशन आखिरी बार मिलने वाले वेतन से 50 प्रतिशत अधिक होगी। 

पेंशन स्कीम में बदलाव

गुरुवार को कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने नेशनल पेंशन स्कीम में बदलाव करते हुए पेंशन योगदान को बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया। सरकार ने अपने हिस्से के योगदान को मूल वेतन का 14 प्रतिशत कर दिया। मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों के 10 प्रतिशत तक योगदान के लिये आयकर कानून की धारा 80 सी के तहत कर प्रोत्साहन को भी मंजूरी दी। आपको बता दें कि वर्तमान में सरकार और कर्मचारियों का योगदान एनपीएस में 10-10 प्रतिशत है। 

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कर्मचारियों को योगदान रहेगा बरकार

सरकार के इस फैसले में केवल सरकारी योगदान में बढ़ोतरी की गई है, जबकि कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 प्रतिशत पर बना रहेगा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में सरकारी कर्मचारियों को कुल कोष में से 60 प्रतिशत अंतरित करने को मंजूरी दी गई। आपको बता दें कि ये वर्तमान में 40 प्रतिशत है। 

कर्मचारियों के पास होगा विकल्प

इस बैठक में सरकार ने कई और बिंदुओं पर विचार किया। जैसे कर्मचारियों के पास निश्चित आय उत्पादों या शेयर इक्विटी में निवेश का विकल्प होगा। सूत्रों के मुताबिक यदि कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय एनपीएस में जमा धन का कोई भी हिस्सा निकालने का निर्णय नहीं करता है और सरकारी अपना 100 प्रतिशत पेंशन योजना में हस्तांतरित करता है तो उसका पेंशन अंतिम बार प्राप्त वेतन का 50 प्रतिशत से अधिक होगा। इस फैसले की घोषणा फिलहाल नहीं की गई है। राजस्थान और मिजोरम में होने वाले विधानसभा चुनाक के खत्म होने के बाद इसकी घोषणा की जाएगी। 

एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पॉलिसी को मंजूरी

इस कैबिनेट बैठक में सरकार ने एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पॉलिसी 2018 को मंजूरी दे दी है। इस पॉलिसी के तहत एग्रो एक्सपोर्ट दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पॉलिसी में 2022 तक एक्सपोर्ट 60 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है।

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