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आईजीएनटीयू के परिषर में लगे सरकार विरोधी नारे ( स्वाति वर्मा की रिपोर्ट )

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रोस्टर प्रणाली के विरोध और कुलपति कि अनुपस्थिति में आरक्षित वर्ग हुआ लामबंद विश्वविद्यालय परिसर में निकाला गया विरोध मार्च

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी तथा छात्र छात्राओं ने 13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली के विरोध में विचार, विमर्श, कर मार्च निकाला गया । आईजीएनटीयू परिषर में विरोध प्रदर्शन कर शिक्षकों, शोधार्थी, कर्मचारियों और छात्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम पर कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। साथ ही मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान अनूपपुर युवा कांग्रेस नेता अब्दुल आसिफ ने कहा कि केंद्र सरकार ने शिक्षकों की नियुक्ति में 200 प्वाइंट रोस्टर लागू करने के स्थान पर 13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली लागू किया है। इतना ही नहीं सरकार ने शैक्षणिक तौर पर पिछड़े वर्गो को 10 फीसदी आर्थिक आधार पर आरक्षण देकर अनुसूचित व पिछड़े वर्ग के लोगों पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में मोदी सरकार नें सारी संपदा कारपोरेट घरानों को लुटाने की साजिश करती रही है। वहीं दूसरी तरफ सभी अनुसूचित, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक समूहों पर सुनियोजित हमले चलाने एवं असहमति और विरोध को कुचलने का काम कर रही है।

विरोध मार्च एवं जनसभा का आयोजन

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विभागवार आरक्षण के विरोध में संस्थावार आरक्षण के पक्ष में अध्यादेश लाओ के संदर्भ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के द्वारा 07 अप्रैल 2017 को दिए गए निर्णय जिसमें 13 प्वाइंट रोस्टर सिस्टम को वैध ठहराया गया। तथा 23 जनवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पुष्टि की गयी। जिसके परिणाम स्वरूप उच्च शैक्षणिक संस्थाओ की नौकरियों में आरक्षित वर्गो का संवैधानिक प्रतिनिधित्व अप्रभावी हो गया है। इस निर्णय के प्रभाव को समाप्त करने के लिए तथा आरक्षित वर्गों को न्याय दिलाने के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक मध्यप्रदेश के शिक्षको, शोधार्थियों, विधार्थियों, के साथ शांति पूर्ण विरोध मार्च निकाला एवं सभा आयोजित किया गया प्रशासनिक भवन के समक्ष बड़ी संख्या में एकत्रित होकर कुलसचिव के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मानव संसाधन एवं विकास मंत्री भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया। शिक्षकों में प्रमुख रूप से प्रो.नवीन शर्मा, प्रो.खेमसिंह डेहरिया, प्रो रंजू हसिनी साहू, प्रो.मनुकोंडा, प्रो.भूमिनाथ त्रिपाठी, डां,तरूण ठाकुर, डां. चकली ब्रम्हय्या, डां.अनिल यादव, डां. श्रीनाथ, डां.अनिल कुमार एवं अन्य शिक्षक शोधार्थी एवं विधार्थी गण उपस्थित रहे है।

क्या है रोस्टर प्रणाली

देश के विश्वविद्यालयो में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 200 प्वाइंट रोस्टर के तहत आरक्षण की व्यवस्था थी। इस व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालय को एक यूनिट माना जाता था। जिसके तहत 1 से 200 पद के लिए 49.5 फीसदी आरक्षित वर्ग और 50.5 फीसदी अनारक्षित वर्ग के हिसाब से भर्ती की व्यवस्था की गई थी। यूनिवर्सिटी को एक यूनिट मानने से सभी वर्ग के उमीदवारों की भागीदारी सुनिश्चित हो पाती थी। लेकिन नए नियम यानी 13 प्वाइंट रोस्टर के तहत विश्वविद्यालय को यूनिट मानने के बजाय विभाग को यूनिट माना गया। जिसके तहत पहला, दूसरा और तीसरा पद सामान्य वर्ग के लिए रखा गया है। जबकि चैथा पद ओबीसी कैटेगरी के लिए, पांचवां और छठां पद सामान्य वर्ग, इसके बाद 7वां पद अनुसूचित जाति के लिए, 8वां पद ओबीसी, फिर 9वां, 10वां, 11वां पद फिर सामान्य वर्ग के लिए, 12वां पद ओबीसी के लिए, 13वां फिर सामान्य के लिए और 14वां पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होगा।

लगे सरकार विरोधी नारे

आईजीएनटीयू परिसर मे विरोध मार्च के दौरान केन्द्र सरकार विरोधी नारे लगाये गये। नारे लगानें वालों में विश्व विद्यालय के प्रोफेसर, छात्र-छात्रायें सहित स्टाफ भी शामिल रहें। राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के नेता अब्दुल असिफ ने कहा कि इस मुद्दे पर हमारी पार्टी पूरी तरह साथ है। सामाजिक हकों की यह लूट हम नहीं होने देंगे और संसद में हमारे सांसद इस मुद्दे को उठाएंगे। वही शिक्षकों ने कहा कि 13 प्वाइंट रोस्टर लाना संविधान से छेड़छाड़ का मुद्दा है। इसके लिये हम लड़ाई जारी रखेंगे।

कुलपति ने छोड़ा परिसर

विरोध के पूर्व ही विश्वविद्यालय के कुलपति नें परिसर छोड़ दिल्ली के सफर में निकल पड़े है। यहां विश्व विद्यालय परिसर में छात्रों तथा शिक्षकों ने रोस्टर प्रणाली के विरोध आक्रोशित होकर केन्द्र सरकार विरोधी नारे लग रहें है वही दूसरी ओर कुलपति सरकार के हेडक्वाटर में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहें है।

सोशल मीडिया में हो रहा विरोध

विश्वविद्यालय परिसर में विरोध के पूर्व से ही विश्वविद्यालय के प्रोफसर वा अन्य स्टाफ के द्वार सेाशल मीडिया में जम कर रोस्टर प्रणाली का विरोध किया जा रहा है। प्रोफसरों के द्वारा अपनी प्रोफाईल में 13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली के विरोध के पोस्टर लगाये गयें है। इसके साथ फेसबुक में प्रोफसर और छात्रों के साथ विरोध में बयान बाजी की जा रही है।

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