# भारत में रिकार्ड ; एक ही दिन में मिले 26000 हजार से ज्यादा मामले ## भारत में कोरोना का कुल आकड़ा 822,603 # वहीँ 516,206 मरीज ठीक हुए,तो वहीँ 22,144 लोगों की हुई मौत # # भारत विश्व में कोरोना के चपेट में पंहुचा तीसरे नंबर पर ये बढ़ता आकड़ा, डराने वाला है # वही रिकवर मरीजों की संख्या भारत में बेहतर ##

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ट्रेक्टर की सवारी कर रौंदने वाले अब कितना देंगे साथ….? ( आशुतोष सिंह की कलम से )

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दामाद को पटकनी, बेटी के लिए घर वापसी……!

राजनीति का कोई मापदण्ड नही होता और न ही वर्तमान राजनीतिक माहौल में विचारधारा जिंदा बची है। यदि कुछ है तो स्वार्थ और स्वार्थ के लिए राजनीति।
स्वार्थ पूर्ण राजनीति का ताजा मामला पुष्पराजगढ़ के माटी में जन्मे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. दलबीर सिंह के बंगले मे देखने को मिला,,,,,, जिस बंगले के दामाद नरेंद्र मरावी को विधानसभा प्रत्यासी बनाए जाते ही दो बार विधायक रह चुके सुदामा सिंह निर्दलीय प्रत्यासी के रूप में चुनाव लड़कर अपने चुनाव चिन्ह ट्रेक्टर से परिणाम को रौंद डाला वे उसी बंगले में पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी में फिर शामिल हो गए।
इतना ही नही बीजेपी के कई कर्मठ कार्यकर्ताओं से भी बगावत करा चुके महाशय उनकी भी घर वापसी करा अपनी पीठ थपथपा रहे हैं……..।
ऐसा कर वो अपनी बजनदारी पार्टी में दिखाने का प्रयास तो कर रहे हैं,,,,,, पर क्या वो वाकई विश्वसनीय बचे हैं……….. ?
जनता की अदालत में यह सवाल उठना लाजमी है !

कांग्रेस के धुँधर अब बीजेपी के प्राथमिक सदस्य

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शहडोल संसदीय क्षेत्र के बीजेपी चुनाव प्रभारी स्वतंत्र देव के हांथों जिन कांग्रेसियों ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता ली है उनमें सर्वप्रथम 1977 से अब तक कांग्रेस का झंडा बुलंद करने वाले बर्तमान में जिला संघटन मंत्री के पद पर रहे यदुवंश दुबे हैं इनके साथ पूर्व में ब्लाक अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि रहे बालकृष्ण शुक्ला सहित जय पांडे, माधव सिंह, मदनलाल पांडे, मिथलेश पाठक, के साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कंग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया।

कुछ सवालों का उत्तर जनता जानना चाहती है………..

👉🏻 क्या पार्टी बदलने वालों की विचारधारा होती है…………..?

👉🏻 क्या बदली विचारधारा में सहज रहा जा सकता है………..?

👉🏻 जनता विचारधारा को मतदान करे या प्रत्यासी को………….?

👉🏻 दल बदलू प्रत्यासी की नजर में कल तक जो गलत था,,,,,,,,, वह अचानक सही कैसे हो गया…………?

👉🏻 क्या प्रत्यासी विचारधारा से बड़ा हो सकता है…………..?

👉🏻 मतदान देशहित में होना चाहिए या व्यक्ति हित में ………..?

ऐसे बहुत से सवाल हैं जिनका जवाब जानना तो सभी का होता है पर देने वाला नेता कोई नही,,,,,,,,,,,,,,!

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