# भारत में रिकार्ड ; एक ही दिन में मिले 26000 हजार से ज्यादा मामले ## भारत में कोरोना का कुल आकड़ा 822,603 # वहीँ 516,206 मरीज ठीक हुए,तो वहीँ 22,144 लोगों की हुई मौत # # भारत विश्व में कोरोना के चपेट में पंहुचा तीसरे नंबर पर ये बढ़ता आकड़ा, डराने वाला है # वही रिकवर मरीजों की संख्या भारत में बेहतर ##

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कालापानी में अब भी थाना हो! 34, 35, 41 में मतदान शून्य…… ( आशुतोष सिंह की रिपोर्ट)

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शहडोल संसदीय क्षेत्र के पुष्पराजगढ़ विधानसभा अंतर्गत आनेवाला ग्राम करनपठार रीवा रियासत के समय से ही पुलिस चौकी के रूप में अपना स्थान रखता रहा है, तब यंहा घास फूस की छोपडी में पुलिस चौकी संचालित होती रही, वाहन के रूप में एक घोड़ा तात्कालिक पुलिस कप्तान को उस समय दिया जाता रहा, यंहा पुलिस के चार जवान और एक अधिकारी नियुक्त होते रहे हैं, आजादी के बाद भी यंही उस छेत्र की पहली पुलिस चौकी खोली गई और वह लगभग चार दशक तक इसी करन पठार में संचालित भी होती रही तब इसे काला पानी की संज्ञा दी जाती रही थी। वजह भी साफ रहा यंहा तक पहुंच पाना और यंहा से वापस जाना आसान काम नही था। उस दौर में मात्र दो बसें बारिश के मौषम से पहले तक बेनिबारी तक बने कच्चे सड़क पर दौड़तीं थी, बेनिबारी से करनपठार तक घना जंगली रास्ता था, तब के दौर में शेर, चीता, भालू के अलावा लगभग सभी जानवरों का उस जंगल मे बसेरा हुआ करता रहा है। बशों में भी गिनती के लोग सफर किया करते थे, आज इतिहास बन चुकीं मध्यप्रदेश राज्य परिवहन की बस की सवारी तब सान की सवारी हुआ करती थी, शान का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आगे की सीट पर विधायक सीट लिखा होता था, और तब के विधायक उस सीट पर बैठकर इठलाते हुए सफर किया करते रहे। ग्रामीण उसी स्थान पर थाने की मांग करते हुऐ चुनाव बहिस्कार पर उतारू हुए बैठे हैं।
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तीन मे से दो पोलिंग बूथ 34,35, की माँग
पुष्पराजगढ़ की जिन तीन मतदान केन्दों में चुनाव का बहिस्कार किया जा रहा है उसके दो मतदान केन्दों की मांग है कि जिसे पहले काला पानी कहते थे, जिसके नाम से आज भी थाना संचालित है, उसका भवन उस ग्राम से 7 किमी दूर क्यों बना दिया गया, जब उस दौर में लोग यंहा रह कर अपने कर्तव्यों का पालन करते रहे हैं तो अब कैसे नही किया जा सकता।
41 की बिजली, पानी की समस्या
मतदान का बहिस्कार करने वाली तीसरा मतदान केंद्र क्रमांक 41 करौंदी जंहा आज भी बिजली, पानी की समस्या मुह बाएं खड़ी है का हवाला देकर ग्रामीण मतदान नही करने का निर्णय लिए अभी भी कायम बने हुए हैं।
प्रसासनिक अमले से सीईओ, एसडीओपी, थाना प्रभारी समझाईस देने पहुंचे पर असर देखने को नही मिला। खबर लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी अनुसार इन तीनो जगह मतदान नही हो सका है।
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