# मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह का हुआ आगमन ##

Post 5

एमपी में क्यों हो रहा ‘निरोध’ का विरोध

Post 1

एमपी में क्यों हो रहा ‘निरोध’ का विरोध

भोपाल

Post 2

केंद्र सरकार की परिवार नियोजन की योजना के तहत कंडोम का नाम परिवर्तित होने से  देशभर में विरोध शुरु हो गया है। अब ये विरोध मध्यप्रदेश में भी जोर पकड़ने लगा है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रही पॉलिटिकल एक्टिविस्ट कोमल जायसवाल ने सीएम और एनएचआरएम को पत्र लिखकर इसका नाम बदले की मांग की है।

दरअसल, सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में परिवार नियोजन के लिए वितरित किए जाने वाले कंडोम पहले डीलक्स निरोध के नाम से दिए जाते थे लेकिन उसका नाम बदलकर सरकार ने आशा निरोध रख दिया है। निरोध का वितरण काम भी आशा कार्यकर्ताओं को करना पड़ता है लेकिन उसमें नाम परिवर्तन होने से उनमें खासा आक्रोश पनप गया।

इस पर पॉलिटिकल एक्टिविस्ट कोमल जायसवाल ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज से बातचीत करते हुए बताया कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित कंडोम जिसका आशा निरोधा नाम दिया गया है । कंडोम का वितरण भी आशा वर्करों द्वारा किया जाता है जो कि महिलाएं ही हैं। कंडोम का नाम आशा निरोध होने से उनके साथ छेड़खानी की जाती है। उन पर व्यंग के साथ छींटाकसी की जाती  है । हितग्राही एक आशा देना कहकर उनका मजाक उड़ाते हैं। यह सब बहुत ही असभ्य और भद्दे तरीके से होता है जिससे उन्हें शर्मसार होना पड़ता है।इससे आशा कार्यकर्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है विशेष रूप से गांवों में उनके लिए बहुत कठिनाई बन रही है।

उन्होंने बताया कि एक तरफ, राज्य उनकी मांगों को पूरा करने में असमर्थ है और दूसरी तरफ, वे आशा कंडोम वितरित करने के लिए इन महिलाओं से कह रहे हैं।यह राज्य में महिला कार्यकर्ताओं का अपमान है। मध्य प्रदेश जिसमें 80000 से अधिक आशा कार्यकर्ता हैं, जो पहले से ही अपनी मांगों के प्रति राज्य की अज्ञानता से गुस्से में थे, जिसमें बोनस देने और अतिरिक्त क्षेत्रीय कार्यों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहनों का भुगतान न करने की माँग है। अब स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला ले रहे है।

उन्होंने बताया कि विभाग वास्तव में ऐसी मूर्ख चीजों को करके जनसंख्या स्थिरीकरण की अपनी योजना को मार रहा है। कंडोम क्योंकि हमारे समाज में खुलेआम स्वागत योग्य वैसे ही नहीं है और इसके शीर्ष पर जब आशाकार्यकर्ता जो की महिलाएँ हैं, उन वितरक के नाम पर इसका नाम दिया जाता है तो यह पुरुषों द्वारा उन्हें चिढ़ाने के लिए सही वस्तु बन जाता है।असामाजिक तत्त्व इससे अधिकाधिक सक्रिय होते हैं, इससे न केवल स्वास्थ्य समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि राज्य में महिला अपराध की भी बढ़ोतरी होगी।

उन्होंने इस संबंध में एक पत्र मुख्यमंत्री शिवराज और एनएचआरएम को भी भेजा है , जिसमें उन्होंने मांग कि है कि इसका नाम जल्द से जल्द बदला जाए। नही तो वे इसके लिए सरकार के खिलाफ कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगी।

 

Post 4
Post 2
Post 3

Leave A Reply

Your email address will not be published.

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- +919424776498

जिले की बड़ी खबर: सम्मान की जगह…कोरोना योद्धाओं को बाहर करने की तैयारी     |     सचिव रोजगार सहायक और सरपंच की मिलीभगत से पंचायत का हुआ बंटाधार (अनिल दुबे की रिपोर्ट)     |     ग्राम पंचायत जीलंग सचिव, रोजगार सहायक हितग्राहियों से प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिलाने के नाम पर कर रहे है अवैध वसूली -(पूरन चंदेल की रिपोर्ट- )     |     पट्टे की भूमि पर लगी धान की फसल में सरपंच/सचिव/रोजगार सहायक करा दिए वृक्षारोपण (पूरन चंदेल की रिपोर्ट)      |     ग्राम पंचायत किरगी के नाली निर्माण भ्रस्टाचार की फिर खुली पोल {मनीष अग्रवाल की रिपोर्ट}     |     ओवरलोडिंग से सड़कों की हो रही खस्ताहाल ट्रक ट्रेलर मोटर मालिक हो रहे मालामाल {वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की रिपोर्ट}     |     क्या यहाँ ? इंसान की जगह आवारा कुत्तो को किया जाता है भर्ती {पुष्पेन्द्र रजक की रिपोर्ट}     |     कमिश्नर को दिया आवेदन पत्र, दुकानदार के कहने पर की थी शिकायत (रमेश तिवारी की रिपोर्ट))     |     युवा अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाएँ, सोशल मीडिया का करें सदुपयोग- कलेक्टर     |     अनुपपुर जिले में आगामी रविवार को नही रहेगा पूर्ण लॉकडाउन (अनिल दुबे की रिपोर्ट)     |