कसरावद। माकड़खेड़ा नर्मदा तट स्थित वेदांत विला आश्रम संत संजय वेदांती (41) का रायसेन व भोपाल के बीच हुई दुर्घटना में निधन हो गया। उनका वाहन सात बार पलट गया। हालांकि दुर्घटना में उन्हें चोट नहीं आई। दुर्घटना के बाद उन्हें भोपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने हृदयाघात से उनकी मौत होने की पुष्टि की।

संत वेदांती का पार्थिव शरीर शाम तक उनके माकड़खेड़ा स्थित आश्रम लाया गया। संत की मौत की खबर सुन सैकड़ों भक्त आश्रम पहुंच चुके हैं। बुधवार सुबह पार्थिव शरीर सुबह 8 से एक बजे दर्शनार्थ रखा जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को समाधि दी जाएगी।

इसे देखते हुए थाना प्रभारी सौरभ बाथम भी अपनी टीम के साथ आश्रम पहुंच गए हैं। बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों को देखते हुए पुलिस व्यवस्था भी चाक-चौबंद कर दी गई है। संत वेदांती ने आठ वर्ष की उम्र में ही घर छोड़ दिया था। वे माकड़खेड़ा आश्रम में करीब 10 वर्ष से रह रहे थे।

संत के निधन से नाया, पिढ़ाय, जेठवाय, बड़वाह सहित अनेक गांवों में शोक छा गया। किसी को यह विश्वास ही नहीं हो रहा था। ब्रह्मलीन वेदांती ने कुछ वर्ष पूर्व अपनी कर्मभूमि बड़वाह के निकट नाया को बनाया था। नाया में आपने धार्मिक वातावरण के साथ-साथ शिक्षा को भी प्राथमिकता दी। संतश्री ने संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से संस्कृत में आचार्यत्व की उपाधि भी प्राप्त की थी।