# मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह का हुआ आगमन ##

Post 5

पुष्पराजगढ़ महाविद्यालय का अस्तित्व खतरे में, (रमेश तिवारी की रिपोर्ट)

भूमि स्वामियों ने लगाई निर्माण कार्य पर रोक...

Post 1

राजेंद्रग्राम।

पुष्पराजगढ़ महाविद्यालय 119 ग्राम पंचायतों के केंद्र बिंदु का एकमात्र उच्च शिक्षण संस्थान है । जहां पर कई ग्रामों से गरीब आदिवासी छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। तथा सुविधा अनुसार उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। शासकीय महाविद्यालय पुष्पराजगढ़ की स्थापना सन 1983 में हुई थी स्थापना के समय महाविद्यालय का संचालन राजेंद्रग्राम के शासकीय भवन में हो रहा था वर्ष 1991 में महाविद्यालय के लिए ग्राम किरगी में 13. 25 एकड़ निजी भूमि तथा4 डिसमिल शासकीय भूमि कुल 17 एकड़ 25 डिसमिल भूमि आवंटित की गई थी जिसमें निजी भूमि स्वामियों की सहमति ली गई थी सहमति और शासन राजस्व विभाग की प्रस्तावित भूमि के आधार पर निजी स्वामित्व की 2. 50 एकड़ भूमि पर महाविद्यालय का भवन निर्माण शासकीय मद से कराया गया था। जिसमें आज भी महाविद्यालय संचालित किया जा रहा है। कुछ भूमि पर भूमि स्वामियों द्वारा निर्माण कार्य करा लिया गया है । लगभग 13 एकड़ भूमि खाली पड़ी है 28 वर्षों से महाविद्यालय के अधीन है। वर्तमान में इस महाविद्यालय में 1575 छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई कर रहे हैं । जिसमें 995 छात्राएं तथा 580 अध्ययन कर रहे हैं। जिसमें बीए, बीएससी, बीकॉम, तथा एम. ए, एमएससी की कक्षाएं संचालित।

भवन निर्माण पर भूमि स्वामियों ने लगाई रोक

Post 2

पुष्पराजगढ़ महाविद्यालय विस्तार के लिए मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा 3करोड 53 लाख 9 हजार की राशि स्वीकृत क्रमांक एफ 21/4/ 2015 38-2 भोपाल दिनांक 16-04-2018 की गई है। महाविद्यालय भवन निर्माण कार्य पीआईयू अनूपपुर द्वारा नीव खुदाई एवं हैंडपंप खनन का कार्य पूर्ण हो चुका है। दिनांक 13 अगस्त 2018 से भूमि स्वामियों द्वारा निर्माण कार्य बंद करा दिया गया है ।और आज भी बंद है। शासन-प्रशासन द्वारा आज दिनांक तक इस पर किसी भी प्रकार की पहल नहीं की गई है l जिसके कारण महाविद्यालय का विस्तार व अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

महाविद्यालय दो पालियों मे संचालित

महाविद्यालय का विस्तार व अध्ययन कक्षों की कमी के कारण संचालन दो पालियों में किया जा रहा है। जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। तथा उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

मुआवजा राशि के लिए जारी हुए थे आदेश

महांविद्यालय की प्रस्तावित भूमि जिसमें 13. 25 एकड़ निजी भूमि भूस्वामीयो को मुआवजा राशि दिए जाने के लिए कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग शहडोल को आदेश जारी किए गए थे। भू अर्जन अधिकारी कार्यालय कलेक्टर शहडोल पत्र क्रमांक दस- भू अर्जन /97 शहडोल दिनांक4/97 द्वारा कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक 2 शहडोल को शासकीय महाविद्यालय पुष्पराजगढ़ हेतु आवंटन की उपलब्धता कराने हेतु जारी पत्र में प्रस्तावित निजी भूमि 13. 25 एकड़ हेतु ₹8800 प्रति एकड़ की दर से भूमि की अनुमानित मुआवजा राशि के आदेश जारी किए गए थे। तथा भूमि के लिए कुल राशि 294153 रुपय का आवंटन उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया गया था।

नामांतरण शासन के पक्ष में करने के दिए थे निर्देश

कार्यालय कलेक्टर शहडोल मध्य प्रदेश भू अभिलेख शाखा शहडोल 10/ भू अभिलेख2000/1393 दिनांक . 14 /2000 को लिखे गए निर्देश पत्र में जिला योजना समिति के लिए संक्षेपिका में विभिन्न शासकीय कार्यालय संस्थानों द्वारा धारित भूमि को शासन के पक्ष में रिकॉर्ड संशोधन की समीक्षा के लिए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया था। जिसमें तहसीलदारों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 शासकीय भवनों जिसमें पुष्पराजगढ़ के महाविद्यालय भवन तथा 13 एकड निजी भूमि भी सम्मलित थी। तहसीलदार को निजी भूमि स्वामियों से उक्त भूमि की मुआवजा आदि की जानकारी हासिल कर उपरोक्त भूमियों का नामांतरण शासन के पक्ष में कर शासकीय अभिलेखों में सुधार करने की कार्यवाही के निर्देश जारी किए गए थे।

महाविद्यालय को दूसरी जगह ले जाने की पहल

प्राचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्वीकृत राशि 3करोड 53 लाख 9हजार से महाविद्यालय भवन कक्षों का निर्माण कराया जा रहा था। जिसमें हैंडपंप खनन तथा नींव खुदाई का कार्य पूर्ण हो चुका है। लेकिन उसके बाद पट्टे धारियों द्वारा उक्त निर्माण कार्य को बंद करा दिया गया है। जिसकी जानकारी महाविद्यालय द्वारा एसडीएम पुष्पराजगढ़ को दी गई। लेकिन आज तक उस पर किसी भी प्रकार की पहल नहीं की गई है। महाविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा विभाग म. प्र. शासन को तथा पूर्व कलेक्टर अनूपपुर को भी इस संबंध में पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई है।लेकिन आज तक किसी प्रकार की कार्यवाही नही हुई है। जिसके कारण महाविद्यालय भवन निर्माण कार्य बंद है। राजस्व विभाग द्वारा महाविद्यालय के लिए यहां से 20 किलोमीटर दूर ग्राम पौड़ी में शासकीय भूमि आवंटित किए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय को दूसरी जगह ले जाने का अधिकार महाविघालय प्राचार्य के पास नहीं है। इसका अधिकार विश्वविद्यालय व उच्च शिक्षा विभाग म. प्र. शासन को है। वही इस पर निर्णय ले सकता है।

Post 4
Post 2
Post 3

Leave A Reply

Your email address will not be published.

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- +919424776498

फर्जी बिल लगाने के बादशाह निकले…….गुप्ता     |     सी.एम. हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का निराकरण ना करने वाले अफसरों का वेतन आहरण नहीं होगा@अनिल दुबे9424776498     |     प्रक्रिया का पालन करें पंचायतें, टेंडर से हो खरीदी फर्जी बिल पर लगेगा अंकुश…….यदुवंश दुबे ने व्यक्त किये अपने विचार@आसुतोष सिंह     |     बस वाहन चालक यात्रियों के जेब मे डाल रहे डाका ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     पशु चिकित्सालय के अस्तित्व पर खतरा ( वरिष्ठ पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से )     |     बिना कनेक्शन पहुंचा बिजली बिल, आश्रम को लगा करेंट का झटका (वरिस्ट पत्रकार यदुवंश दुबे की कलम से)     |     पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल मार्को द्वारा दसवें उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का किया भूमि पूजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ मे समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     पटना लांघाटोला से करपा जाने वाली रोड का कब होगा कायाकल्प ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |     शिशु मृत्यु दर मे कमी लाने समीक्षा बैठक हुई संपन्न ( अनिल दुबे की रिपोर्ट )     |