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आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी नहीं, कैसे प्यास बुझाएं नौनिहाल

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जिले में 1149 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिनमें से 52 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं जहां पेयजल की व्यवस्था न होने से बच्चों को शुद्ध पानी पीने के लिए नहीं मिल पा रहा है साथ ही शौचालय में पानी नहीं होने पर खुले में बच्चों को ले जाया जाता है। जिले में कई आंगनबाड़ी भवन नए बने हैं बावजूद इसके वहां पानी की व्यवस्था नहीं की गई है।

अनूपपुर: जिले में 1149 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिनमें से 52 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं जहां पेयजल की व्यवस्था न होने से बच्चों को शुद्ध पानी पीने के लिए नहीं मिल पा रहा है साथ ही शौचालय में पानी नहीं होने पर खुले में बच्चों को ले जाया जाता है। जिले में कई आंगनबाड़ी भवन नए बने हैं बावजूद इसके वहां पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि भवन के साथ ही पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य है। जिले में पुष्पराजगढ़ के 30 आंगनबाड़ी ऐसे हैं जहां कुआं से पानी का इंतजाम किया जाता है। प्रदूषित पानी पीने की वजह से छोटे बच्चे बीमार हो जाते हं।ै महिला एवं बाल विकास विभाग की लचर व्यवस्था के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो पाई है। जिससे बच्चों सहित केंद्र में आने वाले महिलाओं और किशोरियों को भी स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा।

ऐसी है पेयजल व्यवस्था

जिले में 1149 आंगनबाड़ी केंद्रों में 50 से अधिक केंद्र में पानी की सुलभ व्यवस्था नही हो सकी है, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग में प्रतिमाह करोड़ो रुपये का बजट शासन द्वारा दिया जाता है लेकिन पानी जैसी व्यवस्था बनाने में विभाग पूरी तरह से लापरवाही बरत रहा है जिससे बच्चों के जीवन से खुला खिलवाड़ हो रहा है। परियोजना अनूपपुर अंतर्गत ग्रामीण इलाकों के साथ नगरीय क्षेत्र के हालत भी अत्यंत खराब है। अनूपपुर बस्ती के वार्ड 13 में विभागीय भवन है किंतु हैंडपंप नहीं है 200 मीटर दूर पर कुआं से या फिर हनुमान मंदिर के हैंडपंप से पानी लाते, इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्र कुटकु दफाई में 50 मीटर की दूरी पर हैंडपंप से पानी की व्यवस्था की जाती है, परियोजना जैतहरी अंतर्गत लहरपुर क्रमांक 03 में 150 मीटर दूरी से पानी लाया जाता है। पुष्पराजगढ़ के शिवरी चंदास डोडिया में आंगनबाड़ी केंद्र के पास स्कूल है लेकिन हैंडपंप में पानी न होने के कारण 100 मी की दूरी पर कुआं से पानी की व्यवस्था की जाती है।

सात आंगनबाड़ी केंद्रों में पीएचई नहीं लगा सका हैंडपंप

जिले के अनूपपुर परियोजना के पांच और जैतहरी परियोजना के दो आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल के लिए विभाग द्वारा हैंडपंप खनन कराए जाने के लिए पत्र अप्रैल माह में लिखा गया,लेकिन अभी तक पीएचई विभाग द्वारा यहां हैंडपंप के लिए कोई ध्यान नहीं दिया। जानकारी के अनुसार अनूपपुर परियोजना अंतर्गत न्यू डोला के मिनी आंगनबाड़ी केंद्र, सेक्टर परासी के पंचायत दैखल अंतर्गत बंधवां टोला, सेक्टर अनूपपुर के नगरपालिका के वार्ड क्रमांक 09, 13,15 सहित परियोजना जैतहरी के सेक्टर लपटा अंतर्गत बैहटाडांड एवं वेंकटनगर सेक्टर के सुलखारी ग्राम पंचायत अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र भैनाडोंगरी में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां हैंडपंप नहीं होने से आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन कर्मचारी ठीक तरह से नहीं कर पा रहे हैं। दूर से पानी लाकर बच्चों को दिया जाता है।

पुष्पराजगढ़ के 30 आंगनबाड़ी केंद्र में कुएं से पानी का इंतजाम

पुष्पराजगढ़ एकीकृत परियोजना महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत 431 आंगनबाड़ी संचालित हो रहे है जिसमें 30 आंगनबाड़ी केंद्र में पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है यह परियोजना पूरी तरह से आदिवासी बाहुल क्षेत्र है यहां कुपोषण के मामले में भी यह क्षेत्र आगे है केंद्र में बच्चो को पौष्टिक आहार देने के साथ ही स्वच्छ पानी भी दिया जाना चाहिए लेकिन यहां आहार तो मिलता नहीं, पानी जो दिया जा रहा है वह झिरिया या फिर कुआं का दिया जाता है ऐसे में पानी के सेवन करने से बच्चे कई बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। जानकारी अनुसार पुष्पराजगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्र चौरादादर, बिजौरा क्रमांक 03, भाटी बैरा, नरदहा, देवरी, बैहपुर क्रमांक 02, गढ़ीदादर, चचानडीह, गगरा टोला, धरहर कला, आमाटोला, पड़मनिया, सनपुरी, जरही क्रमांक 01, दोना, बिजौरी जैसे केंद्र है जहां कुएं से पानी की व्यवस्था होती है बिजौरा क्रमांक 03 में झिरिया से पानी लाया जाता है। यहां के केंद्र बहपुर क्रमांक 02 जो वार्ड क्रमांक 05 पर स्थित है यहां 32 बच्चे है 2016 में भवन बना,लेकिन हैंडपंप नहीं स्थापित किया गया। 100 मीटर दूरी पर कुआं है,लेकिन गंदा होने के कारण सहायिका को 01 किमी दूर कुएं से पानी लाना पड़ता है।

इनका कहना है

सात केंद्रों में हैंडपंप के लिए पीएचई को पत्र लिखा गया है, 100 मीटर के दायरे में यदि हैंडपंप है तो पानी की व्यवस्था वहां से की जाती है। हमें परियोजना से पेयजल की स्थिति ऑनलाइन भेजी जाती है उसके अनुसार पानी के लिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है। पुष्पराजगढ़ की स्थिति पताकर वहां पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

श्रीमती मंजूलता सिंह, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, अनूपपुर

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