रामकृष्ण मुले, इंदौर। हज करना साल-दर-साल महंगा होता जा रहा है। पिछले तीन साल में यात्रा 70 हजार रुपए तक महंगी हो गई है। 2015 में जहां एक यात्री को अजीजिया कैटेगरी में 1 लाख 60 हजार और ग्रीन कैटेगरी के लिए 1 लाख 80 हजार रुपए चुकाने पड़ते थे। वहीं इस बार अजीजिया के लिए 2 लाख 15 हजार और ग्रीन कैटेगरी के लिए 2 लाख 49 हजार देना होंगे।

जानकारों के मुताबिक हज यात्रा के लगातार महंगा होने के पीछे कारण सब्सिडी खत्म होने के साथ रुपए का अवमूल्यन भी है। इसके अतिरिक्त सऊदी सरकार ने भी अपनी सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की है। वहां बिजली-पानी का चार्ज बढ़ाया गया है। हवाई यात्रा के किराए में भी खासी वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश मुस्लिम मोर्चा के अध्यक्ष इदरिस मंसूरी के अनुसार बढ़ी हुई राशि से समाज में आक्रोश है। लोग कह रहे हैं कि हज की तैयारी करें या बढ़ी हुई राशि के लिए कर्ज लें। एक बार हज की राशि तय करने के बाद उसे बढ़ाना गलत है।

ऐसे महंगी हुई जियारत –

वर्ष कैटेगरी राशि (रुपए में)

– 2015 ग्रीन 1 लाख 80 हजार

अजीजिया 1 लाख 60 हजार

– 2016 ग्रीन 2 लाख 4 हजार

अजीजिया 1 लाख 84 हजार

– 2017 ग्रीन 2 लाख 37 हजार

अजीजिया 2 लाख 3 हजार

– 2018 ग्रीन 2 लाख 49 हजार

अजीजिया 2 लाख 15 हजार

यात्रा सस्ती करने के सुझाव दिए –

यात्रा सस्ती करने के लिए पानी के जहाज से मक्का-मदीना ले जाने का सुझाव आया। इसके बाद एक प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा गया। व्यावहारिक दिक्कतों का हवाला देते हुए अब तक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका।

मेट्रो शहरों से जाएं –

यह बात सही है कि कुछ सालों में हज यात्रा का खर्च बढ़ा है। इसका कारण सऊदी सरकार ने पानी, बिजली जैसी कई सेवाओं का शुल्क बढ़ाया है। फ्लाइट का किराया भी महंगा हुआ है लेकिन दिल्ली, कोलकाता, चेन्नाई, मुंबई आदि से हज पर जाएं तो फ्लाइट सस्ती पड़ेगी।