– मजदूरों की जरूरत के हिसाब से तय किए जाएंगे ट्रेन के रुकने के स्टेशन

– अपने गंतव्य से बहुत ज्यादा दूर उतरने के लिए मजबूर नहीं होंगे मजदूर

– संबंधित राज्य परिचालन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करेंगे

– कोई समस्या होने पर गृह मंत्रालय के अधिकारी से करना होगा संपर्क

– पहले गंतव्य वाले राज्य की अनुमति जरूरी थी श्रमिक स्पेशल के लिए